दिल्ली ब्लास्ट: मुजम्मिल बोला- डॉ.शाहीन गर्लफ्रेंड नहीं, बीवी है:अल फलाह के पास मस्जिद में हुआ निकाह

नई दिल्ली, दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पूछताछ में दावा किया है कि डॉ. शाहीन सईद उसकी गर्लफ्रेंड नहीं, बल्कि बीवी है। अब तक माना जा रहा था कि आतंकी मॉड्यूल में मैडम सर्जन के नाम से मशहूर डॉ. शाहीन मुजम्मिल की प्रेमिका है। बताया कि मुजम्मिल ने सितंबर 2023 में फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के पास एक मस्जिद में शाहीन से निकाह किया था। शरिया कानून के तहत निकाह के लिए ₹5-6 हजार के मेहर पर सहमति बनी थी। सूत्रों के अनुसार, डॉ. शाहीन ने जैश मॉड्यूल को हथियार और विस्फोटक जुटाने के लिए ₹27-28 लाख दिए थे। उसने 2023 में मुजम्मिल को हथियार खरीदने के लिए लगभग ₹6.5 लाख और उमर को 2024 में फोर्ड इकोस्पोर्ट कार खरीदने के लिए ₹3 लाख उधार देने की पेशकश की थी। NIA जांच में पता चला है कि मुजम्मिल ने फरीदाबाद के फतेहपुर तगा और धौज के अलावा अल फलाह से करीब 4km दूर खोरी जमालपुर गांव में भी तीन बेडरूम का एक घर किराए पर लिया था। मकाल मालिक पूर्व सरपंच जुम्मा ने बताया कि मुजम्मिल ने कश्मीरी फलों का व्यापार करने के नाम पर उनसे घर लिया था।

पूर्व सरपंच बोला- मुजम्मिल कई बार डॉ. शाहीन के साथ आया था

NIA सूत्रों के मुताबिक, पूर्व सरपंच जुम्मा की जमालपुर गांव में सड़क किनारे प्लास्टिक रॉ मटेरियल की एक फैक्ट्री है। इसके ऊपर तीन बेडरूम, हॉल, किचन बना है। डॉ. मुजम्मिल ने अप्रैल 2025 से जुलाई 2025 तक पूर्व सरपंच का मकान 8 हजार रुपए प्रति महीने के हिसाब से किराए पर लिया था।

सूत्रों के मुताबिक, डॉ. मुजम्मिल ने पूर्व सरपंच से कहा था कि वह कश्मीर से फल मंगाकर यहां के बाजार में बेचेगा। इसके लिए उसे ज्यादा जगह की जरूरत है। पूर्व सरपंच ने बताया कि जब मुजम्मिल ने किराए पर मकान लिया, तब उसके साथ डॉ. शाहीन सईद भी आई थी। उसने शाहीन को अपने परिवार की सदस्य बताया था।

मुजम्मिल करीब तीन महीने उस मकान में रहा। इस दौरा, वह शाहीन को कई बार अपने साथ लेकर आया था। हालांकि, जुलाई में उसने यह कह कर कमरा खाली कर दिया कि यहां पर गर्मी ज्यादा है। मुजम्मिल मकान में रखा गद्दा, कूलर और चादर भी अपने साथ ले गया था।

भतीजे के इलाज के दौरान मुजम्मिल-उमर से मिला था ​​​पूर्व सरपंच

पूर्व सरपंच ने NIA को बताया कि उसके भतीजे को कैंसर था। उसके इलाज के लिए वह अलफलाह अस्पताल में गया था। वहां उसकी मुलाकात डॉ. मुजम्मिल और डॉ. उमर नबी से हुई थी।

इसके बाद दोनों से उसकी अच्छी जान-पहचान हो गई थी। मुजम्मिल कई बार पूर्व सरपंच के ऑफिस पर भी आया था। जुलाई में पूर्व सरपंच के भतीजे की मौत हो गई थी।

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