ईरान का यूएई में THAAD एयर डिफेंस सिस्टम तबाह करने का दावा, मिसाइलों के सामने हुआ बेबस, कैसे रोकेगा हमले?

दुबई: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने यूएई में अमेरिकी एयर डिफेंस THAAD पर सफल हमले का दावा किया है। आईआरजीसी ने कहा है कि उसने THAAD की दूसरी बैटरी को खत्म कर दिया है। इस सिस्टम को प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइल से हिट करके नष्ट किया गया। यह पश्चिम एशिया का सबसे महंगा एयर डिफेंस सिस्टम है और अमेरिकी सैन्य ठिकाने की हवाई सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। ईरान का दावा सही है तो यूएई के पास अब बैलिस्टिक मिसाइलों से बचने के लिए कोई एयर डिफेंस बैटरी नहीं है।
ईरान ने दावा किया कि उसने यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) के अल-रुवाइस इंडस्ट्रियल सिटी में तैनात THAAD एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल (ABM) सिस्टम के AN/TPY-2 कंपोनेंट को नष्ट किया है। ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट से मिली सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि सिस्टम को कुछ नुकसान जरूर हुआ है।
ईरान के लिए आसान हो जाएंगे हमले
THAAD को अमेरिका का सबसे एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम है। ईरान ने इसकी दो बैटरी को खत्म करने की बात कही है। दरअसल कुल 10 THAAD बैटरी हैं। इनमें से सात को अमेरिका ऑपरेट करता है। यूएई के पास दो और एक सऊदी अरब के पास है। यूएई की दोनों बैटरी अगर नष्ट हो गई हैं तो उसके पास बैलिस्टिक मिसाइल के खिलाफ कोई बचाव नहीं है।
यूएई के सामने बड़ा संकट
कतर और यूएई में अमेरिकी डिफेंस सिस्टम के कमजोर पड़ने पर ईरान के लिए इलाके में ड्रोन और मिसाइल हमले करना आसान हो जाएगा। आईआरजीसी ने कहा है कि इस हाई-वैल्यू एयर-डिफेंस सिस्टम के खत्म होने ने ईरान के मिसाइल हैंड को कामयाबी से टारगेट हिट करने के लिए खोल दिया गया है।
कई रिपोर्ट में बताया गया है कि यूएई और कतर के पास इंटरसेप्टर बहुत कम हैं। खासतौर से यूएई के सामने संकट है। युद्ध लंबा चला तो यूएई के पास मिसाइल रोकना मुश्किल हो जाएगा। यूएई ने सहयोगियों से मीडियम-रेंज एयर डिफेंस सपोर्ट मांगी है। हालांकि कतर और UAE दोनों ने आधिकारिक तौर पर हवाई सुरक्षा मजबूत होने की बात कही है।
ईरान के निशाने पर यूएई
यूएई की चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि उसे ईरान ने सबसे ज्यादा निशाने पर लिया है। इजरायल के करीबी माने जाने वाले देश यूएई पर ईरान ने शनिवार के बाद से 863 मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए हैं। ईरान ने इजरायल की तुलना में यूएई पर ज्यादा मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। ऐसे में दुबई और अबू धाबी को बचाने की चुनौत यूएई के सामने बढ़ती जा रही है।





