खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने पुलिस में की शिकायत:होटल संचालक-एसोसिएशन ने रुकवाया खादी मॉल का काम

राजधानी में बन रहे प्रदेश के पहले खादी मॉल का उद्घाटन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर करने की तैयारी थी। अब इसका इस साल बनकर तैयार हो पाना खटाई में पड़ गया है। एमपी नगर स्थित सरकारी इमारत चित्तौड़ कॉम्पलेक्स के तीन फ्लोर का रिनोवेशन कर खादी व ग्रामोद्योग के उत्पादों के मॉल में तब्दील करने का काम चल रहा था। इसे गौरीश्री होटल प्रबंधन और चित्तौड़ कॉम्पलेक्स व्यावसायिक एसोसिएशन ने रुकवा दिया है।
मप्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अफसरों के मुताबिक, चित्तौड़ कॉम्पलेक्स के तीसरे फ्लोर पर संचालित गौरीश्री होटल के संचालक मॉल के लिए बिल्डिंग के इंटीरियर वर्क का काम नहीं करने दे रहे हैं। पिछले पांच महीने से काम में अड़ंगे लगाते आ रहे हैं। कई बार वे काम करने वाली लेबर को धमकाकर भगा चुके हैं। बोर्ड की ओर से एमपी नगर थाने में जून माह में इसकी शिकायत भी कराई थी।
खादी ग्रामोद्योग बोर्ड 2.35 करोड़ की लागत से एमपी नगर के जोन-1 स्थित चित्तौड़ कॉम्पलेक्स के तीन फ्लोर का रेनोवेशन कर इसे खादी मॉल में तब्दील करने की योजना पर काम कर रहा है। ग्राउंड फ्लोर पर पहले से खादी एंपोरियम संचालित है।
पहले और दूसरे फ्लोर पर सरकारी कार्यालयों को खाली कराकर इनका रिनोवेशन किया जा रहा है। फर्स्ट फ्लोर पर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र की कला और संस्कृति से जुड़े हैंडीक्राफ्ट की स्थाई एग्जिबिशन कम शॉपिंग सेंटर बनाया जाना है। वहीं, सेकेंड फ्लोर पर फैशनेबल खादी ब्रांड व सिल्क के उत्पाद की प्रदर्शनी व शॉपिंग एरिया का रूप दिया जाना है। ग्राउंड फ्लोर पर विंध्या वैली ब्रांड और परंपरागत खादी उत्पाद रहेंगे। छत पर ओपन कैफेटेरिया भी बनाया जाना था।
तोड़फोड़ से परेशानी: बोर्ड के प्रोजेक्ट प्रभारी सत्यनारायण ठाकुर का कहना है कि यह चित्तौड़ कॉम्पलेक्स का तीसरा फ्लोर निजी लीज पर है, जिस पर गौरीश्री होटल संचालित है। रेनोवेशन के लिए कुछ पुराने स्ट्रक्चर को तोड़ना जरूरी है, जिसको लेकर उन्हें आपत्ति है। वहीं, चित्तौड़ कॉम्पलेक्स व्यावसायी एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ शर्मा का कहना है कि पुरानी बिल्डिंग में तोड़फोड़ से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। किसी का प्लास्टर झड़ रहा है तो किसी के यहां सीलिंग आने लगी है। इस कारण काम रुकवाया गया है।





