2283 करोड़ की ठगी के मास्टरमाइंड ने बदला नाम:गिरोह के सदस्यों का कबूलनामा

मध्यप्रदेश समेत 7 राज्यों में निवेश के नाम पर 2283 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्यों से एमपी एसटीएफ पूछताछ में जुटी है। इस दौरान आरोपी मदन मोहन कुमार और दीपक शर्मा ने कई खुलासे किए हैं। उनका कहना है कि गिरोह का सरगना लविश चौधरी दुबई और साउथ अफ्रीका में रहता है। दोनों देशों में बैठकर वह गिरोह के सदस्यों से कनेक्ट रहता है। यहीं से उन्हें वर्चुअल संबोधित करता है।

लविश ने दुबई में अपना नाम नवाब खान और साउथ अफ्रीका में राशिद अली रखा हुआ है। पहली बार लविश की एक तस्वीर भी दैनिक भास्कर तक पहुंची है, जिसमें वह किसी से वर्चुअल बातचीत करता दिखाई दे रहा है।

इन तमाम बातों के एसटीएफ को पुख्ता प्रमाण मिल चुके हैं। भारत में लविश के एजेंटों ने शामली, बागपत, मुजफ्फर नगर, गाजियाबाद के आलीशान होटलों, फार्म हाउस पर एजेंटों की मदद से बैठक करने की बात स्वीकार की है। इनमें लोगों को निवेश के बारे में जानकारी देकर अपने साथ जोड़ा जाता था। बैठक में शामिल होने वाले लोगों को भोजन से लेकर बेहतरीन गिफ्ट तक दिए जाते थे।

लुक आउट नोटिस जारी कराने की तैयारी में एसटीएफ मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। डीएसपी जगदीश सिद्धू के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें पड़ताल कर रही हैं। इसका सुपरविजन विशेष पुलिस महानिदेशक एसटीएफ पंकज कुमार श्रीवास्तव कर रहे हैं।

लविश की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ लुक आउट नोटिस जारी कराने की तैयारी में है। गिरोह का सरगना लविश 2 साल से लगातार ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। अलग-अलग राज्यों में ठगी के लिए अलग-अलग नाम से कंपनी बनाई जाती थीं। शक न हो, इसके लिए कंपनी के संचालक मंडल के नामों में फेरबदल कर दिया जाता था।

मध्यप्रदेश समेत 7 राज्यों में निवेश के नाम पर 2283 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्यों से एमपी एसटीएफ पूछताछ में जुटी है। इस दौरान आरोपी मदन मोहन कुमार और दीपक शर्मा ने कई खुलासे किए हैं। उनका कहना है कि गिरोह का सरगना लविश चौधरी दुबई और साउथ अफ्रीका में रहता है। दोनों देशों में बैठकर वह गिरोह के सदस्यों से कनेक्ट रहता है। यहीं से उन्हें वर्चुअल संबोधित करता है।

लविश ने दुबई में अपना नाम नवाब खान और साउथ अफ्रीका में राशिद अली रखा हुआ है। पहली बार लविश की एक तस्वीर भी दैनिक भास्कर तक पहुंची है, जिसमें वह किसी से वर्चुअल बातचीत करता दिखाई दे रहा है।

इन तमाम बातों के एसटीएफ को पुख्ता प्रमाण मिल चुके हैं। भारत में लविश के एजेंटों ने शामली, बागपत, मुजफ्फर नगर, गाजियाबाद के आलीशान होटलों, फार्म हाउस पर एजेंटों की मदद से बैठक करने की बात स्वीकार की है। इनमें लोगों को निवेश के बारे में जानकारी देकर अपने साथ जोड़ा जाता था। बैठक में शामिल होने वाले लोगों को भोजन से लेकर बेहतरीन गिफ्ट तक दिए जाते थे।

लुक आउट नोटिस जारी कराने की तैयारी में एसटीएफ मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। डीएसपी जगदीश सिद्धू के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें पड़ताल कर रही हैं। इसका सुपरविजन विशेष पुलिस महानिदेशक एसटीएफ पंकज कुमार श्रीवास्तव कर रहे हैं।

लविश की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ लुक आउट नोटिस जारी कराने की तैयारी में है। गिरोह का सरगना लविश 2 साल से लगातार ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। अलग-अलग राज्यों में ठगी के लिए अलग-अलग नाम से कंपनी बनाई जाती थीं। शक न हो, इसके लिए कंपनी के संचालक मंडल के नामों में फेरबदल कर दिया जाता था।

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