मीका सिंह आवारा कुत्तों के लिए दान देंगे 10 एकड़ जमीन! सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार, अदालत ने क्या कहा!

पंजाबी सिंगर मीका सिंह ने आवारा कुत्तों पर चल रही कानूनी बहस के बीच भारत के हाई कोर्ट से भावुक अपील की है। उन्होंने सड़क पर घूमने वाले कुत्तों की देखभाल और कल्याण के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने का संकल्प लिया है। X पर मीका ने सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वह ऐसे किसी भी कदम से बचें जिससे आवारा कुत्तों पर गलत असर पड़े। उन्होंने लिखा, ‘मीका सिंह भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय से विनम्र निवेदन करते हैं कि कृपया ऐसे किसी भी कदम से बचें जिससे कुत्तों के कल्याण में दिक्कत हो।’

मीका सिंह ने कुत्तों के कल्याण के लिए अपनी जमीन दान करने की बात कही और आगे लिखा, ‘मैं विनम्रतापूर्वक निवेदन करता हूं कि मेरे पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और मैं कुत्तों की देखभाल, आश्रय और कल्याण के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।’

आवारा कुत्तों को जमीन देंगे मीका सिंह

सिंगर ने आगे कहा कि इस जमीन का इस्तेमाल शेल्टर होम बनाने और जरूरी सुविधाओं के लिए किया जा सकता है ताकि जानवरों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण हो सके। हालांकि, उन्होंने कुत्तों की देखभाल के लिए कई जरूरतों पर भी जोर दिया, और कहा कि प्रबंध के बिना केवल जमीन ही पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘मेरी एकमात्र गुजारिश है कि इन जानवरों की जिम्मेदारी से देखभाल करने वाले पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। मैं शेल्टर होम बनाने के लिए जमीन देने को तैयार हूं।’

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट की चर्चा

मीका की अपील ऐसे समय में आई है जब आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट की चर्चा पूरे देश में चल रही है। हाल ही में हुई एक सुनवाई के दौरान, सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसने सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों को पूरी तरह से हटाने का आदेश नहीं दिया है, जिससे जनता में फैली चिंताओं का समाधान हुआ है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन वी अंजारी की तीन-न्यायाधीशों वाली पीठ ने लोगों को आश्वस्त किया कि न्यायालय का ध्यान पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम, 2023 को लागू करने पर है।

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर क्या कहा

कुत्ते के काटने की घटनाओं में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए पीठ ने कहा कि इसका समाधान नसबंदी और टीकाकरण करके किया जा सकता है, जिसके बाद कुत्तों को उनकी जगह पर वापस छोड़ दिया जाएगा। अदालत ने कहा कि यह लोगों और जानवरों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए है। न्यायाधीशों ने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति को संभालने के लिए एक सही उपाय की जरूरत है।

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