मंत्री विजय शाह ने तीसरी बार मांगी माफी, बोले- यह मेरी भाषाई भूल थी; रायकुंडा गांव जांच के लिए पहुंची SIT

भोपाल। ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देशवासियों को देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर अनर्गल टिप्पणी कर चौतरफा घिरे मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने तीसरी बार माफी मांगी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआइटी की जांच के बीच उन्होंने पत्र, वीडियो और ऑडियो संदेश जारी कर माफी मांगी है।

विजय शाह ने पत्र लिख मांगी माफी

  • बिना किसी को संबोधित करते हुए विजय शाह ने पत्र की शुरुआत ‘जय हिंद’ से की है। अपने लैटर हेड पर 22 मई को जारी पत्र में उन्होंने लिखा है कि पिछले दिनों पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से मैं मन से बहुत विचलित और दुखी हूं। मेरा राष्ट्र के प्रति अपार प्रेम और भारतीय सेना के प्रति आदर एवं सम्मान हमेशा से रहा है। मेरे द्वारा कहे गए शब्दों से समुदाय, धर्म और देशवासियों को दुख पहुंचा है, यह मेरी भाषाई भूल थी।
  • विजय शाह ने आगे लिखा कि मेरा आशय किसी भी धर्म, जाति एवं समुदाय को ठेस पहुंचाने का नहीं था। मैं भूलवश अपने द्वारा कहे गए शब्दों के लिए भारतीय सेना, बहन सोफिया से और सभी देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हूं और फिर से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।
  • दो बार और मांग चुके हैं माफी

    इससे पहले विजय शाह ने टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद 13 मई को मीडिया से चर्चा में और अगले दिन 14 मई को वीडियो जारी कर माफी मांगी थी।

    कर्नल को बताया था आतंकियों की बहन

    बता दें, विजय शाह ने इंदौर जिले के मानपुर क्षेत्र में 11 मई विवादित बयान दिया था। उन्होंने एक सभा में कर्नल सोफिया कुरैशी को पाकिस्तानी आतंकवादियों की बहन बता दिया था। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए विजय शाह के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

    एसआइटी जांच के लिए पहुंची रायुकंडा गांव

    • इंदौर जिले के मानपुर के रायकुंडा गांव में मंत्री विजय शाह के विवादित बयान के मामले में एसआइटी ने जांच तेज कर दी है। मानपुर थाना पुलिस से दस्तावेज मिलने के बाद एसआइटी लगातार दो दिनों से मानपुर पहुंच रही है। शुक्रवार को टीम ने रायकुंडा गांव का दौरा कर स्थानीय लोगों से पूछताछ की और बयान दर्ज किए।
    • हलमा कार्यक्रम के दौरान मंत्री शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मामले में हाई कोर्ट के निर्देश पर एफआइआर दर्ज हुई। सुप्रीम कोर्ट ने जांच प्रभावित न हो, इसके लिए एसआइटी गठित करने के आदेश दिए। एसआइटी में आइजी प्रमोद वर्मा, डीआइजी कल्याण चक्रवर्ती और एसपी वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआइटी को 28 मई तक जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करनी है।

    सुप्रीम कोर्ट ने बयान पर की थी कड़ी टिप्पणी

    इसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह पर कड़ी टिप्पणी करते हुए मामले की जांच तीन आइपीएस अधिकारियों की एसआइटी से करवाने के निर्देश दिए थे। एसआइटी को 28 मई तक सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करना है।

    विजय शाह के बयान से नाराज है पार्टी

    विजय शाह के बयान से पार्टी का केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व बहुत नाराज है। कांग्रेस भी इसे बड़ा मुद्दा बनाकर विजय शाह का त्यागपत्र मांग रही है। विजय शाह का मंत्री पद जाने से लेकर गिरफ्तारी तक की आशंका बनी है। ऐसे में डैमेज कंट्रोल के लिए उन्होंने फिर माफी मांगी है।

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