बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर फिर हमला,कट्टरपंथी गुट तौहीदी ने बाउल समर्थकों को बनाया निशाना, दुर्गा पूजा पंडालों में कर चुका बवाल

ढाका: बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामले लगातार हो रहे है। नई घटना में बाउल सरकार की रिहाई की मांग कर रहे लोगों पर हमला किया गया है। तौहीदी जनता नाम के इस्लामी ग्रुप ने बाउल समर्थकों पर हमला किया है। इस ग्रुप का नाम हालिया महीनों में लगातार धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हमलों में आया है। इस साल जनवरी में शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्ति गिराने में भी इसी गुट का हाथ था।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, बाउल समर्थकों ने हालिया हमलों का विरोध करने और बाउल लीडर अबुल सरकार की रिहाई की मांग के लिए मानिकगंज और ठाकुरगांव में एक प्रोटेस्ट रैली बुलाई थी। सिंगर अबुल सरकार को हाल ही में एक परफॉर्मेंस के दौरान कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

कोर्ट कैंपस के पास बवाल

बाउल समर्थक बुधवार को ठाकुरगांव में कोर्ट कैंपस के पास पहुंचे तो उनको तौहीदी जनता के लोगों ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान तौहीदजी जनता के लोगों ने हिंसा का भी सहारा लिया। यहां हुई हिंसा में कई लोगों को हल्की चोटें लगने की बात सामने आई है। बाउल समर्थक सोहेल राणा ने ढाका ट्रिब्यून को बताया कि तौहीदी जनता के नाम पर हिंसा की जा रही है।कट्टरपंथी इस्लामी ग्रुप तौहीदी जनता अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कई हमलों में शामिल रहा है। इस ग्रुप ने बार-बार दुर्गा पूजा के जश्न में रुकावट डाली है। यह पुलिस के साथ हिंसक झड़पों में भी शामिल रहा है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने मानिकगंज और ठाकुरगांव में बाउल समर्थकों पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।

जमात-ए-इस्लामी का हिस्सा!

तौहीदी जनता ग्रुप हिफाजत-ए-इस्लाम बांग्लादेश का हिस्सा है, जो एक और इस्लामी ग्रुप है। इसने 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे का विरोध किया था। बांग्लादेश की अवामी लीग सरकार ने बीते साल कहा था कि हिफाजत बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी का एक मुखौटा है। जमात को बांग्लादेश में पाकिस्तान समर्थक माना जाता है। यह धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button