वंदे भारत में सीट नहीं बदली तो विधायक ने पिटवाया:भोपाल आ रही थी ट्रेन, झांसी में किया हमला

दिल्ली से भोपाल आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के एक्जीक्यूटिव कोच में सवार एक यात्री के साथ झांसी रेलवे स्टेशन पर 7-8 लोगों ने मारपीट की। मारपीट का आरोप यूपी के झांसी के बबीना से भाजपा विधायक राजीव सिंह के समर्थकों पर लगा है।
ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि झांसी जिले की बबीना विधानसभा से भाजपा विधायक राजीव सिंह वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच E-2 में पत्नी और बेटे के साथ दिल्ली से सवार हुए थे। राजीव सिंह का सीट नंबर 8 था जबकि उनकी पत्नी कमली सिंह का सीट नंबर 50 और बेटे श्रेयांश सिंह का नंबर 51 था।
49 नंबर की विंडो सीट पर राज प्रकाश नाम के यात्री बैठे हुए थे। विधायक ने उनसे कहा कि तुम मेरी 8 नंबर की सीट पर चले जाओ। राज प्रकाश ने सीट बदलने से मना कर दिया। इसके बाद जैसे ही ट्रेन झांसी रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो ट्रेन के कोच में 7 से 8 लोग आए और 49 नंबर की सीट पर बैठे राज प्रकाश के साथ जमकर मारपीट की। लात-घूंसे से पीटा। उनकी नाक में फ्रैक्चर भी हो गया है।
पूर्व मंत्री रावत ने सुरक्षा पर उठाए सवाल जिस वक्त ट्रेन में मारपीट हुई, उस वक्त पूर्व मंत्री रामनिवास रावत भी उसी कोच में सवार थे। पूर्व मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना के बारे में लिखा-
‘वंदे भारत (20172 दिल्ली से भोपाल) में एक्जीक्यूटिव क्लास (E2) में सीट नंबर 49 पर बैठे एक व्यक्ति के साथ 7-8 बाहर से आए लोगों ने पूरे कोच के यात्रियों के सामने मारपीट की। घायल व्यक्ति के नाक, मुंह, कान से खून बहने लगा। इन लोगों का साथ पुलिस के कुछ लोग भी दे रहे थे।’
दहशत में नजर आए पीड़ित यात्री राज प्रकाश ट्रेन जैसे ही रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पहुंची, दैनिक भास्कर ने मारपीट के पीड़ित यात्री राज प्रकाश से बात करने की कोशिश की। वे इतने डरे हुए थे कि उन्होंने बात करने से मना कर दिया। बस इतना कहा- मैं पुलिस में शिकायत कर रहा हूं।
विधायक बोले- उन्होंने गलत व्यवहार किया वहीं, बीजेपी विधायक राजीव सिंह ने वीडियो जारी कर बताया- कोच में सीट नंबर 49 और 52 पर बैठे दोनों यात्री आपत्तिजनक स्थिति में पैर फैलाए थे। वे भोजन कर रहे थे। मैंने उनसे ठीक से बैठने को कहा, ताकि मेरी पत्नी और अन्य यात्रियों को आने-जाने में असुविधा न हो, तो वे मुझसे बहस करने लगे। उन्होंने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया। उनका व्यवहार असहज करने वाला था।
मामला शांत करने के लिए मैं कोच की गैलरी में आ गया। इससे उन्हें लगा कि मैं फोन लगाकर उनकी शिकायत कर रहा हूं। वे दोनों बाहर आकर मुझसे बहस करने लगे। इससे न केवल मेरी यात्रा बाधित हुई, बल्कि मुझे और मेरे परिवार को मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ा।
राजीव सिंह ने झांसी जीआरपी थाने में दो यात्रियों के खिलाफ एनसीआर भी दर्ज कराई है। एनसीआर यानी गैर-संज्ञेय रिपोर्ट तब दर्ज की जाती है, जब कोई मामूली अपराध होता है। जैसे कि गाली-गलौज, मामूली झगड़ा या दस्तावेज खो जाना।
एनसीआर दर्ज करने का मतलब है कि पुलिस बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती और न ही मामले की जांच शुरू कर सकती है, जब तक कि अदालत से अनुमति न मिल जाए।
कंपार्टमेंट में बच्चे और महिलाएं सब घबरा गए कीर्ति नाम की यात्री घटना के वक्त कोच में मौजूद थी। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया- हमने देखा कि 15 से 20 लोग झांसी स्टेशन से ट्रेन में चढ़े। 49 नंबर सीट पर राज प्रकाश जी बैठे हुए थे। उनके ऊपर उन लोगों ने लात-घूंसे, चप्पल जो उनको समझ में आया वह उन्होंने चलाया। उनके नाक में फ्रैक्चर हुआ है। वह खून से लथपथ हो गए थे।
कीर्ति ने कहा कि ऐसी प्रीमियम गाड़ियों में, जिसको प्रधानमंत्री जी प्रमोट करते हैं, वंदे भारत जैसी गाड़ियों में एग्जीक्युटिव कंपार्टमेंट में चलकर 15-20 गुंडे किसी यात्री को मारे यह सभी की सिक्योरिटी पर बड़ा सवाल है। इस घटना के दौरान बच्चे थे, महिलाएं थी, सब लोग घबरा गए थे। पूरा कंपार्टमेंट घबरा गया था कि यह अचानक हो क्या रहा है। कीर्ति ने कहा कि जिस किसी ने यह किया है उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक हो या कोई भी हो।





