MP STSF ने कछुआ तस्करी के ‘किंगपिन’ को लखनऊ से किया गिरफ्तार, फर्स्ट एसी कोच से सप्लाई होते थे दुर्लभ जीव

भोपाल। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ के सहयोग से लखनऊ से अंतर्राज्जीय कछुआ तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना और ईनामी आरोपित रविन्द्र उर्फ रमन कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित पिछले दो महीनों से अपनी लोकेशन बदलकर टीम को चकमा दे रहा था। सोमवार को उसे माननीय विशेष न्यायालय के समक्ष पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।
एसी कोच से बरामद हुए थे 311 दुर्लभ कछुए
हम बता दें कि इस संगठित गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब एसटीएसएफ, आरपीएफ और वनमंडल भोपाल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पटना-इंदौर एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच से अजय सिंह राजपूत नामक व्यक्ति को पकड़ा था। तलाशी के दौरान उसके पास से 311 नग दुर्लभ जीवित कछुए बरामद हुए थे। जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क का पता चला, जिसमें पेट शॉप ओनर, डॉग ब्रीडर और रेलवे के एसी कोच अटेंडेंट तक शामिल थे।
प्राकृतिक रहवास में सुरक्षित छोड़े गए कछुए
पूरी कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 313 नग जीवित दुर्लभ कछुए (इंडियन टेंट टर्टल, इंडियन रूफ्ड टर्टल, क्राउंड रिवर टर्टल और स्टार टार्टज) जब्त किए गए हैं। यह सभी प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में शामिल हैं और प्रतिबंधित हैं। कछुओं को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद न्यायालय की अनुमति से उनके प्राकृतिक रहवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। इस कार्रवाई ने वन्यजीवों के अवैध व्यापार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा संदेश दिया है।
कई शहरों में फैला था गिरोह का जाल
इस मामले में अब तक मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न शहरों से कुल आठ आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरोह का जाल नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन और शाजापुर जैसे शहरों में फैला हुआ था। आरोपितों से मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। एसटीएसएफ के अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना अभी जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।





