सीतामढ़ी में NDA की ‘डबल क्लीन स्वीप’: क्या अमित शाह पूरा करेंगे ‘बड़ा आदमी’ बनाने का वादा?

सीतामढ़ीः सूबे के सीतामढ़ी जिले में एनडीए ने एक बार जीत का रिकॉर्ड बनाया है। वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने सभी आठ सीटों को अपने कब्जे में कर लिया था। उसी तरह की जीत 2025 में भी हासिल की है। इन दोनों चुनावों में अंतर इतना ही है कि वर्ष 2010 में भाजपा और जदयू चार-चार सीटों पर जीती थी। वहीं, वर्ष 2025 में सीटों के बंटवारे में एक सीट उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो के हिस्से में, तो एक सीट चिराग पासवान की पार्टी लोजपा आर के कब्जे में चला गया। इस तरह आठों सीटों पर जीत तो एनडीए की हुई है, पर जदयू का दो सीट घट गया है। बीजेपी अपने चार सीटों पर बरकरार रही है।
तीसरी बार जीत, मंत्री पद की थी आस
जिले का परिहार विस क्षेत्र वर्ष 2010 में अस्तित्व में आया था। 2010 में हुए परिहार विधानसभा के प्रथम चुनाव में रामनरेश यादव जीते थे। बाद में यादव एक मुकदमे ने फंसने के कारण कोर्ट से सजायाफ्ता हो गए। इसका कोई असर उनके एवं परिवार के राजनीतिक जीवन पर नहीं पड़ा। वर्ष 2015 में यादव में पत्नी गायत्री देवी को चुनाव मैदान में उतारा। वो जीती भी। फिर 2020 में निर्वाचित हुई और इत्तेफाक से 2025 में भी गायत्री देवी जीती हैं। इस तरह वह जीत की हैट्रिक लगाकर एक रिकॉर्ड भी बना लीं। क्षेत्र के लोगों को आशा थी कि गायत्री देवी को मंत्री बनाया जायेगा, पर अब तक ऐसा संभव नहीं होने से लोग निराश है।
शाह बोले थे-पिंटू को बनाएंगे बड़ा आदमी
मतदान के पूर्व चुनाव प्रचार करने आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीतामढ़ी में कहा था कि " सीतामढ़ी विस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुनील कुमार पिंटू मेरे दोस्त है। आपलोग (वोटर) इन्हें निर्वाचित करें। हम इन्हें बड़ा आदमी बनायेंगे। " हालांकि पिंटू का नाम भी मंत्री की सूची में नहीं आ सका है। लोगों को आशा है कि अमित शाह अपने वादे को पूरा कर सीतामढ़ी से बने विधायक पिंटू को "बड़ा आदमी" जरूर बनाएंगे। गौरतलब है कि सीतामढ़ी विस क्षेत्र से पिंटू ने चौथी बार चुनाव जीतकर एक रिकॉर्ड बनाया है। वे सबसे पहले 2005 में जीते थे। नवंबर- 2005 में उपचुनाव भी जीते थे। 2010 में जीत की हैट्रिक मारे थे। 2015 में हार गए थे। वर्ष 2019 में सीतामढ़ी से सांसद बने थे। 2028 में फिर विधायक निर्वाचित हुए है। वे पूर्व में पर्यटन मंत्री रह चुके है।
कोई विधायक बनते मंत्री तो होता अधिक विकास
जिले के लोगों का कहना है कि मां जानकी की धरती सीतामढ़ी ने एनडीए को एक साथ आठ विधायकों का सौगात दिया है। बावजूद जिला के हिस्सा में एक भी मंत्री पद नहीं आना अफसोस की बात है। वैसे सोशल मीडिया पर खासकर सुनील कुमार पिंटू और गायत्री देवी को मंत्री को मंत्री बनाए जाने की मांग लगातार की जा रही है। लोगों का कहना है कि जिला का कोई भी विधायक किसी भी विभाग का मंत्री बनता, तो निश्चित तौर पर यहां के विकास कार्यों में इजाफा होता।
परिहार विधानसभा क्षेत्र की मुख्य समस्याएं :
1. परिहार प्रखंड कार्यालय परिसर और मुख्य चौक चौराहों पर एक भी शौचालय नहीं है। 27 पंचायत का प्रखंड है। हजारों लोगों के लिए शौचालय नहीं होना एक बड़ी समस्या है।
2. प्रखंड मुख्यालय के बाजार में अतिक्रमण भी बड़ी समस्या है। यह नासूर बन चुका है। अतिक्रमण से आम से खास तक को परेशानी होती है।
3. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार लाना। यहां ओपीडी और नॉर्मल डिलीवरी को छोड़ शेष मरीजों को सीधे सदर अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। 4. पेयजल की समस्या का स्थाई निदान जरूरी है। सड़क किनारे बने नाले की सफाई के अभाव में गंदा पानी मुख्य सड़क पर जमा रहता है।
5. उप स्वास्थ्य केन्द्र, बेला मच्छपकौनी की बदहाल स्थिति है। न डॉक्टर है न क्वार्टर और न ही चारदीवारी
6. इंडो-नेपाल बोर्डर पर बस स्टैंड और टेंपो स्टैंड की जरूरत।
7. सोनबरसा प्रखंड में सिंगियाही नदी पर बने स्यूलिस गेट से सिंचाई की सुविधा नहीं मिली सकी।
8. सोनबरसा प्रखंड में एक डिग्री कालेज की जरूरत है।
9. सोनबरसा प्रखंड में बांके नदी की नई धारा को बंद कर पुरानी धार की उडाही कराई जाती, तो हजारों एकड़ खेत को पटवन की सुविधा मिलती।
10. सोनबरसा प्रखंड के दोस्तियां गांव में उद्योग विभाग द्वारा 252 एकड़ खेतिहर जमीन अधिग्रहण की कोशिश की जा रही है, जिससे किसान आक्रोशित है।
बथनाहा विधानसभा क्षेत्र की मुख्य समस्याएं
1. मेजरगंज प्रखंड के रूसुलपुर गांव को बागमती नदी के प्रतिवर्ष के कटाव से बचाव के लिए ठोस कदम उठाया जाना।
2. चिकित्सक की कमी से वर्ष 2014 में ही मेजरगंज पीएचसी को बंद कर दिया गया, जिससे एक बड़ी आबादी चिकित्सा सेवा से वंचित रह रही है।
3. मेज़रगंज प्रखंड इंडो-नेपाल बॉर्डर पर है। यहां कस्टम का कार्यालय नही है। नेपाल जाने के लिए 20 किमी दूरी तय कर भंसार कटाने जाना पड़ता है। यहां कस्टम का शाखा जरूरी है।
4. उच्चस्तरीय शिक्षा के लिए एक भी संस्थान नहीं है। प्रखंड मुख्यालय में अतिक्रमण मुख्य समस्या के रूप में है।
बेलसंड विधानसभा क्षेत्र की मुख्य समस्याएं
1. बेलसंड प्रखंड के कोठी चौक से धानकौल जाने वाली मुख्य सड़क में सुंदरपुर के पास स्क्रू पाइप पुल की जगह आरसीसी पुल निर्माण जरूरी है।
2. बागमती नदी के तटबंध का उच्चीकरण और कालीकरण का काम शीघ्र कराया जाता।
3 . परसौनी प्रखंड के देमा पंचायत के मुशहरी दलित बस्ती में पुल निर्माण
4. मदनपुर पंचायत के सुन्दरगामा हरिजन बस्ती में सड़क निर्माण
5. स्वतंत्रता संग्राम में शहीद 11 का नाम इतिहास के पन्ने पर हो साथ ही छपरा में स्मारक का जीर्णोद्धार हो
सुरसंड विधानसभा क्षेत्र की समस्याएं
1. नगर परिषद, जनकपुर रोड के लोगों को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास सह रिंग रोड का निर्माण जरूरी है।
2. पुपरी प्रखंड क्षेत्र के गंगा पट्टी घाट पर पुल का निर्माण हर चुनाव में मुद्दा बनता है। पुल आज तक नहीं बन सका है।
3. 16 वर्षों बाद भी अनुमंडलीय अस्पताल भवन का निर्माण पूरा नहीं हुआ।
3. पुपरी में ब्लड बैंक की स्थापना और स्टेडियम का निर्माण।
4. पूरे प्रखंड क्षेत्र के नल जल योजना को सुचारू रूप से संचालित कराने को ठोस कदम उठाया जाए।
5. सुरसंड नगर पंचायत क्षेत्र में पीएचईडी के एक भी जलमीनार से आज तक जलापूर्ति नहीं हो सकी। वहीं, पीएचईडी की ओर से उक्त जलमीनारों को नगर पंचायत को नहीं सौंपा जा रहा है।
6. रातो नदी का तटबंध कार्य अपूर्ण रहने के चलते हर वर्ष कई गांवों को बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ती है।
रुन्नीसैदपुर विधान सभा क्षेत्र की समस्याएं
1. बागमती तटबंध के अंदर बसे तिलक रामपुर पंचायत के भरथी समेत करीब आधा दर्जन गांव को अभी तक पुनर्वासित नहीं किया जाना।
2. बाढ़ की समस्या का स्थाई निदान
3. रुन्नीसैदपुर प्रखंड को अनुमंडल और रुन्नीसैदपुर मुख्यालय पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिलना.
5. प्रखंड मुख्यालय में सड़क जाम की समस्या का स्थाई निदान
रीगा विधानसभा क्षेत्र की समस्या
1. रीगा में खेल को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम का निर्माण हो।
2. किसानों की सुविधा के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना हो।
3. बैरगनिया, सुप्पी और रीगा प्रखंड को शामिल कर अनुमंडल बनाया जाए।
4. लखनदेई नदी की उड़ाही कराकर आमजन के लिए उपयोगी





