चीन नहीं, भारत की बोलेगी तूती… अमेरिकी टैरिफ से ऐपल और गूगल के आएंगे अच्छे दिन, कारण जान लीजिए

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ के कई फायदे और नुकसान सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि इस टैरिफ के कारण भारत से स्मार्टफोन के निर्यात को फायदा हो सकता है। क्योंकि भारत पर कम टैरिफ होने के कारण कंपनियां यहां मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे सकती हैं। यह जानकारी क्रिसिल (Crisil) की एक रिपोर्ट में सामने आई है। वहीं गूगल भी अपना काम वियतनाम से भारत में शिफ्ट कर सकती है।

दरअसल, ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बनाए रखी है। उन्होंने 2 अप्रैल को लिबरेशन डे के अवसर पर कई देशों पर व्यापार शुल्क लगाया था। हालांकि, एक हफ्ते बाद उन्होंने इसे 90 दिनों के लिए रोक दिया। इस बीच, चीन के साथ टैरिफ बढ़ाने को लेकर उनकी बातचीत जारी रही। इलेक्ट्रॉनिक्स पर टैरिफ रोकने के कुछ दिनों बाद ट्रंप ने कहा कि चीन में बने स्मार्टफोन को टैरिफ से छूट नहीं मिलेगी। उन्हें एक अलग श्रेणी में रखा जाएगा। इससे अमेरिका में उनकी कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनमें से ज्यादातर चीन में बनते हैं।

भारत का नंबर कहां?

यूएस इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने साल 2024 में सबसे ज्यादा स्मार्टफोन चीन से आयात किए। यह कुल आयात का 81% से थोड़ा ज्यादा था। भारत और वियतनाम क्रमशः 13.7% और 4.2% के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर थे। एक साल पहले इन तीन देशों का अमेरिका में स्मार्टफोन आयात में क्रमशः 75.8%, 8.4% और 13.4% हिस्सा था।

अब भारत को क्या फायदा?

भारत को मौजूदा टैरिफ व्यवस्था में फायदा हो सकता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, चीन पर अमेरिकी टैरिफ अब 245% है। वहीं, वियतनाम पर अमेरिकी टैरिफ 46% है, जबकि भारत पर यह सिर्फ 26% है।

क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘नई टैरिफ नीति से भारत से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले स्मार्टफोन की कीमत बढ़ जाएगी। लेकिन इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत से निर्यात की लागत चीन और वियतनाम की तुलना में कितनी प्रभावी है। इसका मतलब है कि अगर भारत से स्मार्टफोन भेजना सस्ता पड़ता है, तो भारत को फायदा होगा।
उदाहरण के लिए, चीन में बने आईफोन 13 Pro के 256 GB वैरिएंट की कीमत अमेरिका में 480 से 580 डॉलर है। वहीं, भारत में बने इसी मॉडल की कीमत 550 से 650 डॉलर है। क्रिसिल का कहना है कि भारत में बने स्मार्टफोन का निर्यात बढ़ेगा, क्योंकि वे चीन से आने वाले स्मार्टफोन से सस्ते होंगे। लेकिन, टैरिफ के कारण चीन में बने स्मार्टफोन की प्रति यूनिट बिक्री लागत बढ़ने से, कंपनियां चीन में उत्पादन कम कर सकती हैं और भारत में उत्पादन बढ़ा सकती हैं।

गूगल भी भारत में बनाएगा स्मार्टफोन

गूगल पिक्सल स्मार्टफोन अब भारत में भी बन सकते हैं। अल्फाबेट इंक कंपनी इस बारे में विचार कर रही है। उन्होंने भारत में मौजूद अपनी दो कंपनियों, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और फॉक्सकॉन से बात की है। गूगल चाहता है कि पिक्सल स्मार्टफोन का कुछ उत्पादन वियतनाम से भारत में शिफ्ट हो जाए। खासकर वे फोन जो अमेरिका भेजे जाते हैं।

दरअसल, अमेरिका और वियतनाम के बीच व्यापार को लेकर कुछ दिक्कतें चल रही हैं। अमेरिका ने वियतनाम से आने वाले सामान पर ज्यादा टैक्स लगाने की धमकी दी है। इसलिए अल्फाबेट कंपनी अब अलग-अलग जगहों से सामान मंगवाना चाहती है, ताकि किसी एक जगह पर निर्भर न रहना पड़े। कंपनी चाहती है कि भारत में ही फोन के कुछ पार्ट्स बनें। जैसे कि फोन का बाहरी कवर, चार्जर, फिंगरप्रिंट सेंसर और बैटरी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button