पहले दिन 4,000 से ज्यादा भोपालवासियों ने लिया मेट्रो का आनंद, उत्सव जैसा रहा माहौल

 भोपाल। आठ साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राजधानीवासियों का सपना साकार हुआ। शहर में पहली बार आम नागरिकों ने भोपाल मेट्रो में बैठकर सफर किया। एक दिन पहले 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा लोकार्पण के बाद रविवार से मेट्रो का यात्री संचालन शुरू हुआ। सुबह 9 बजे पहली मेट्रो ट्रेन एम्स मेट्रो स्टेशन से करीब सौ–सवा सौ यात्रियों को लेकर रवाना हुई, जो विभिन्न स्टेशनों पर रुकती हुई सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक पहुंची।

पहले दिन मेट्रो का आकर्षण लोगों के सिर चढ़कर बोला। सुबह सात बजे से ही यात्री एम्स मेट्रो स्टेशन पर पहुंचने लगे थे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा होता गया। रात आठ बजे तक करीब चार हजार से अधिक यात्रियों ने टिकट लेकर सफर किया। चूंकि शासकीय अवकाश रविवार होने के कारण लगभग 98 प्रतिशत लोग मेट्रो में घूमने के उद्देश्य से पहुंचे, जबकि महज 1–2 प्रतिशत यात्रियों ने कामकाज के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया। कुल मिलाकर भोपाल मेट्रो का पहला दिन उत्साह, उत्सव और अव्यवस्थाओं का मिला-जुला अनुभव रहा।

जहां एक ओर शहरवासियों में मेट्रो को लेकर खुशी दिखी, वहीं व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत भी साफ नजर आई। खुशी के साथ शिकायतें भी आइ सामने नवदुनिया की टीम ने दोपहर 2.40 बजे सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से मेट्रो में बैठकर एम्स मेट्रो स्टेशन तक का सफर किया। इस दौरान यात्रियों से बातचीत में खुशी के साथ कुछ शिकायतें भी सामने आईं। महिला यात्री किश्वर जुबेर ने बताया कि वह अपने पोते को दिखाने एम्स जा रही हैं, लेकिन मेट्रो के लिए उन्हें करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

परिवार सहित मेट्रो की सैर के लिए पहुंचे लोग मेट्रो के प्रति लोगों के उत्साह का अंदाजा सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे लगे दोपहिया वाहनों की लंबी कतार से लगाया जा सकता है। दोपहर सवा तीन बजे स्टेशन के नीचे गाड़ियों की लाइन लगी हुई थी। लोग अपनी गाड़ियां पार्क कर परिवार सहित मेट्रो की सैर के लिए पहुंचे थे।- प्लेटफार्म पर जाने से पहले हुई जांच स्टेशन के अंदर प्रवेश से पहले यात्रियों की कड़ी जांच की गई। टिकट लेने के बाद सुरक्षा जांच के दौरान गुटखा और पान मसाला ले जा रहे यात्रियों से सामग्री जब्त की गई, इसके बाद ही उन्हें प्लेटफार्म पर जाने दिया गया। स्टेशन, प्लेटफार्म और मेट्रो कोच के भीतर लोग सेल्फी लेते और वीडियो बनाते नजर आए।

मेट्रो की रफ्तार ने यात्रियों को किया निराश

यात्रा की रफ्तार ने कई यात्रियों को निराश भी किया। सुभाष नगर से दोपहर 2.45 बजे रवाना हुई मेट्रो ट्रेन रेंगती हुई करीब 25 मिनट में एम्स मेट्रो स्टेशन पहुंची। इस दौरान ट्रेन हर स्टेशन पर एक से दो मिनट तक रुकी।

टिकट चेकिंग व्यवस्था चरमराई एम्स मेट्रो स्टेशन पर उतरने के बाद टिकट चेकिंग व्यवस्था चरमराई नजर आई। महज तीन कर्मचारी टिकट जांच में लगे थे, जबकि यात्रियों की भीड़ ज्यादा होने से अव्यवस्था की स्थिति बन गई। टिकट काउंटर पर भी दोपहर सवा तीन बजे लंबी कतारें लगी रहीं, जिन्हें संभालना सुरक्षा कर्मियों के लिए मुश्किल साबित हुआ।

ऑटो चालकों की हुई चांदी मेट्रो संचालन में लंबा अंतराल आटो चालकों के लिए फायदेमंद रहा। एम्स से सुभाष नगर जाने वाली अगली ट्रेन के लिए यात्रियों को करीब 75 मिनट इंतजार करना पड़ रहा था, ऐसे में अधिकांश लोग आटो से वापस सुभाष नगर पहुंचे। इससे आटो चालकों की चांदी हो गई।

क्या कहते है मेट्रो यात्री

दिल्ली मेट्रो से भोपाल मेट्रो बहुत अलग है। हालांकि अपने शहर की मेट्रो है। इसलिए दिल्ली मेट्रो से ज्यादा अच्छी लग रही है। कमल कुमार, जहांगीराबाद, भोपाल मेट्रो के सफर का आनंद लगने आई हूं। दिल्ली मुंबई मेट्रो में कई बार सफर किया। लेकिन अपने शहर की मेट्रो की बात ही अलग है। कविता सागर स्वामी, मीनाल रेसीडेंसी भोपाल मेट्रो के चलने से शहर की शान बढ़ गई है। यह बेहद खुशी की बात है। आने वाली जनरेशन के लिए यह काफी अच्छी साबित होगी। विक्रम सिंह, दानिश नगर।

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