रायगढ़ में 1 एकड़ में 2 करोड़ की अफीम जब्त:तरबूज-ककड़ी बताकर खेती

रायगढ़, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में करीब एक एकड़ में अफीम के पौधे लगाए गए थे। जिसका पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी ने रायगढ़ में ही 10 साल पहले शादी की। किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया। इसके बाद ससुराल में रहकर दोस्तों के साथ मिलकर अफीम का कारोबार शुरू कर दिया।

यह मामला तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट इलाके का है। पुलिस ने झारखंड के खूंटी जिले के रहने वाले मार्शल सांगा (40) को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ पाझर नाला के पास अफीम की खेती कर रहा था।

वहीं, कांग्रेस का एक जनप्रतिनिधि मंडल मौके पर पहुंचा और सरकार पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस ने इस पर बीजेपी का संरक्षण होना बताया है।

इस पूरे मामले में 60,326 अफीम पौधे (2,877 किलो) और 3 किलो तैयार अफीम जब्त हुई है, जिसकी कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई। मामले में दो आरोपी इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

झारखंड से आकर बस गया था आरोपी

जानकारी के मुताबिक, मार्शल सांगा की शादी तमनार के आमाघाट निवासी सुषमा खालको से हुई थी। इसके बाद वो पिछले 8-10 वर्षों से यहां आकर रहने लगा था। बताया जा रहा है कि आरोपी कभी झारखंड तो कभी आमाघाट में रहता था। इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अफीम की खेती शुरू कर दी।

पुलिस दबिश में एक आरोपी पकड़ा, साथी फरार

पुलिस ने आरोपी के घर और खेत में दबिश दी। इस दौरान मार्शल सांगा को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके साथी फरार हो गए। पुलिस ने रातभर इलाके में पहरा दिया। जांच में पता चला कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह पांच अलग-अलग खसरा नंबरों की निजी और परियोजना भूमि है।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि, जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

बिना संरक्षण मिले नहीं कर सकता खेती

जनपद सदस्य संपति सिंह सिदार ने बताया कि, बिना किसी के जानकारी, बिना किसी के अनुमति यहां कोई कैसे खेती करेगा। जरूर वो किसी के संरक्षण में खेती कर रहा था। बाहर से आकर कोई खेती नहीं कर सकता। ये बीजेपी के संरक्षण में ही होगा।

निष्पक्ष जांच होनी चाहिए- सिंहदेव

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौके पर पहुंचा और सरकार पर सवाल उठाए। पूर्व मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दुर्ग और बलरामपुर के बाद रायगढ़ में भी अफीम की खेती का खुलासा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में जिस जमीन को तरबूज और ककड़ी की खेती के नाम पर लिया गया था, वहां असलियत कुछ और ही निकली। क्या तरबूज और ककड़ी की फसलें ऐसी दिखती हैं? और ऐसा तो बिल्कुल संभव नहीं है कि ऐसी खेती रातों-रात खड़ी हो जाए।

यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलते एक गंभीर खतरे का संकेत है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार गहरी नींद में है, जब प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और नशे का खतरा लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में आज तक ऐसी गैरजिम्मेदार सरकार कभी नहीं आई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब सरकार और प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है।

यह सिर्फ लापरवाही नहीं, इस अवैध खेती में ऊपर से नीचे तक मिलीभगत और गहरे भ्रष्टाचार के चिन्ह हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और कड़ी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई भी।

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