UAE के लोन पर बुरा फंसा पाकिस्तान, 2 अरब डॉलर के रोलओवर पर अभी तक फैसला नहीं, बढ़ रही शहबाज की धड़कन

इस्लामाबाद: संयुक्त अरब अमीरात का 2.5 अरब डॉलर का कर्ज पाकिस्तान के लिए बड़ी मुश्किल बन गया है। पाकिस्तान ने बुधवार को कहा है कि वह UAE के साथ कर्ज को लेकर बातचीत कर रहा है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि कर्ज के रोलओवर में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि खाड़ी देश ने पेमेंट का समय और बढ़ाने के अपने फैसले के बारे में औपचारिक रूप से बताया है या नहीं। औरंगजेब नेशनल असेंबली की फाइनेंस कमेटी की मीटिंग में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
पाकिस्तान ने बीते दिसम्बर में कर्ज के रोलओवर के लिए यूएई से अनुरोध किया था। लेकिन पाकिस्तानी मंत्री का कर्ज पर बातचीत का जिक्र करना यह बताता है कि कर्ज को एक या दो साल के लिए रोलओवर नहीं किया गया है। इस दौरान पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने बताया कि एक्सटर्नल फाइनेंसिग गैप पूरा हो गया है और कोई दिक्कत नहीं है।
पाकिस्तान को राहत देने के मूड में नहीं UAE
यूएई ने पाकिस्तान पर अपने कर्ज को लेकर हाल के महीनों में सख्त रुख अपनाया है। यूएई पहले कर्ज को एक साल के लिए बढ़ाता था, लेकिन इस बार उसने रीपेमेंट पीरियड को केवल एक महीने के लिए बढ़ाया। रोलओवर के पीरियड स्टेटस पर भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यूएई की सख्ती के पीछे पाकिस्तान की हलिया महीनों में सऊदी अरब के साथ करीबी बढ़ने को भी वजह के रूप में देखा जा रहा है।
पाकिस्तान को पहले ही मिल गया था संकेत
इसके पहले दिसम्बर में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर जमील अहमद ने UAE सरकार के 2.5 अरब डॉलर के कर्ज को दो साल के लिए रोल ओवर करने और ब्याज दर तो 6.5% प्रतिशत से घटाकर 3% करने का अनुरोध किया था। सूत्रों ने कहा कि पिछले साल जनवरी में कर्ज की मैच्योरिटी बढ़ाते समय UAE ने संकेत दिया था कि यह आखिरी विस्तार होगा। पाकिस्तान पर UAE का कुल कर्ज 3.5 अरब डॉलर है, जिसमें 1 अरब डॉलर इस साल जुलाई में मैच्योर हो रहा है।
कर्ज में फंसे पाकिस्तान को राहत के लिए अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मदद की उम्मीद है, जिसके साथ वह कर्ज के लिए बातचीत कर रहा है। इस बीच IMF का मिशन कराची पहुंचा है। इसके सोमवार से केंद्र सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की उम्मीद है। वित्त मंत्री औरंगजेब ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पाकिस्तान IMF के साथ बातचीत के लिए अच्छी स्थिति में है।





