पार्थिबन ने तृषा कृष्णन पर कमेंट करने के बाद जताया अफसोस, कहा- कुछ गलतियां अनजाने में हो जाती हैं

एक्टर और डायरेक्टर आर पार्थिबन सुर्खियों में हैं। उन्होंने हाल ही में आयोजित एक अवॉर्ड सेरेमनी में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन के बारे में एक कमेंट किया था। कहा था, ‘इस कुंडवै को कुछ दिनों के लिए घर पर ही रहना चाहिए। ये अच्छा होगा। उन्हें बाहर निकलने मत दो।’ जिस पर एक्ट्रेस ने जवाब दिया और अब अभिनेता ने खेद जताया है। पार्थिबन ने सोशल साइट एक्स की टाइमलाइन पर एक ऑडियो क्लिप साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने यह टिप्पणी अनजाने में की थी।

उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी कुछ गलतियां अनजाने में हो जाती हैं। गालट्टा अवॉर्ड्स इवेंट में, जब मुझसे 20 सवालों का तेजी से जवाब देना था, जैसे कि रैपिड फायर सेशन में होता है, तब तृषा की तस्वीर स्क्रीन पर आई। जब मैं सोच रहा था कि क्या कहना चाहिए, लोग चिल्लाने लगे कुंडवै-कुंडवै (मणि रत्नम की फिल्म में तृषा के किरदार का नाम)। तुरंत, सिर्फ कुंडवै शब्द पर खेलते हुए मैंने कहा, कुंडवै को घर पर बैठा दो, ताकि कोई समस्या न आए। पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा।’

पार्थिबन ने तृषा पर कमेंट करने के बाद खेद जताया

निर्देशक पार्थिबन ने कहा, ‘जब मैं स्टेज से उतरा, तो मेरे दोस्त रंगाराज पांडे ने उन्हें बताया कि मुझे ऐसा कमेंट नहीं करना चाहिए थे। मना कर देना चाहिए था। मैंने तुरंत गालट्टा अरुणा से कहा कि इसे प्रकाशित न करें। हालांकि किसी ने वीडियो शूट कर लिया और यह सामने आ गया। मुझे एहसास हुआ कि इससे कुछ लोगों को चोट पहुंची है और मैं पूरे दिल से खेद व्यक्त करता हूं। मैं नहीं चाहता कि दिक्कत पैदा हो।’

पार्थिबन ने अपनी सफाई पेश की

उन्होंने कहा, ‘जब मैं कॉलेजों में जाता हूं, तो केवल महिलाओं की स्वतंत्रता के बारे में बोलता हूं। हर किसी को अनावश्यक बंधनों से मुक्त होना चाहिए, स्वतंत्रता अपनानी चाहिए और खुश रहना चाहिए। इसलिए, महिलाएं दुनिया की सबसे बड़ी रचनात्मक शक्ति हैं।’ पार्थिबन का खेद व्यक्त करना ऐसे समय आया है, जब तृषा ने इस कमेंट पर अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज में रिएक्शन दिया है।

तृषा ने पार्थिबन के कमेंट पर रिएक्ट किया था

तृषा ने हाल ही में एक कार्यक्रम में अपने नाम और फोटो के इस्तेमाल को बताते हुए लिखा, ‘मुझे एक कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि मेरा नाम और तस्वीर ऐन मौके पर एक व्यक्ति की मांग पर, उनके सहायक के माध्यम से शामिल किया गया था।’ आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, ‘माइक्रोफोन किसी टिप्पणी को बुद्धिमान या हास्यपूर्ण नहीं बनाता। यह सिर्फ मूर्खता को जोर से बोलता है। बिना ज्ञान के अपमानजनक शब्द बोलने वाला व्यक्ति खुद के बारे में हमेशा अनभिज्ञ बना रहता है।’

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