भोपाल में PM मोदी की पाकिस्तान को फिर चुनौती:कहा- गोली का जवाब गोले से मिलेगा; सिंदूर भारत के शौर्य का प्रतीक बना

उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या भारत की विरासत की बहुत बड़ी संरक्षक थीं। जब देश की संस्कृति, मंदिरों पर हमले हो रहे थे, तब लोकमाता ने उनको संरक्षित करने का वीणा उठाया। देश में कई मंदिरों-तीर्थों का पुनर्निर्माण किया।
प्रधानमंत्री ने देवी अहिल्याबाई की जयंती पर इंदौर मेट्रो और सतना-दतिया एयरपोर्ट की शुरुआत भी की। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रोजेक्ट मप्र में सुविधाएं बढ़ाएंगे, विकास को गति देंगे और रोजगार के नए अवसर बनाएंगे। इस पवित्र दिवस पर विकास के इन सारे कामों के लिए पूरे प्रदेश को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
इससे पहले मोदी खुली जीप में कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस दौरान हाथ जोड़कर महिलाओं का अभिवादन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ही आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने महिला बुनकर और ड्रोन दीदी से बात भी की।
पीएम ने कहा कि एक समय था जब नई टेक्नोलॉजी आती थी तो महिलाओं को उससे दूर रखा जाता था। हमारा देश आज उस दौर को पीछे छोड़ रहा है। आज सरकार का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक में भी हमारी बहनें आगे बढ़कर नेतृत्व दें। खेती में ड्रोन क्रांति आ रही है। इसको हमारी बहनें ही नेतृत्व दे रही हैं।
नमो ड्रोन दीदी अभियान से गांव की बहनों का हौसला और कमाई बढ़ रही है। उनकी नई पहचान बन रही है। आज बहुत बड़ी संख्या में हमारी बेटियां वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर और पॉयलट बन रही हैं। हमारे यहां साइंस और मैथ पढ़ने वाली बेटियों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। जितने भी बड़े स्पेस मिशन हैं, उनमें बड़ी संख्या में हमारी बहन-बेटियां काम कर रही हैं। चंद्रयान 3 मिशन में तो 100 से अधिक महिला वैज्ञानिक और इंजीनियर शामिल थीं।
मोदी बोले- पढ़ाई और दवाई के साथ कमाई भी जरूरी है
महिलाओं के लिए पढ़ाई और दवाई के साथ ही जो बहुत जरूरी चीज है वो कमाई भी है। जब महिलाएं की अपनी आय होती है तो घर में उसका स्वाभिमान बढ़ जाता है। घर के निर्णयों में उसकी सहभागिता बढ़ जाती है।
बीते 11 वर्षों में हमारी सरकार ने देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने का काम किया है। 2014 से आपने मुझे सेवा का अवसर दिया उससे पहले, 30 करोड़ बहनें ऐसी थी, जिनके बैंक खाते ही नहीं थे। हमारी सरकार ने उनके खाते खुलवाए और अलग-अलग योजनाओं के पैसे उनके खातों में भेज रही है।
वे गांव हो या शहर अपना कुछ न कुछ काम कर रही है। आर्थिक उपार्जन कर रही हैं, स्वरोजगार कर रही हैं। मुद्रा योजना से बिना गारंटी के लोन मिल रहा है। मुद्रा योजना की 75 परसेंट से ज्यादा लाभार्थी हमारी माता-बहनें हैं। देश में 10 करोड़ बहनें सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं।
ये बहनें अपनी कमाई के साधन बनाएं इसके लिए सरकार मदद कर रही है। हमने ऐसी 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया है। डेढ़ करोड़ से ज्यादा बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं।
आयुष्मान भारत योजना ने महिलाओं की चिंता खत्म की
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले माताएं-बहनें अपनी बीमारियों छिपाने पर मजबूर थीं। गर्भावस्था के दौरान अस्पताल जाने से बचती थीं। उनको लगता था कि इससे परिवार पर बोझ पढ़ेगा। इसलिए दर्द सहती थीं। आयुष्मान भारत योजना ने उनकी इस चिंता को भी खत्म किया है। अब वो भी अस्पताल में 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज कर सकती हैं।
सरकार हर घर तक नल से जल पहुंचा रही- मोदी
उन्होंने कहा- आज सरकार हर घर तक नल से जल पहुंचा रही है, ताकि हमारी माताओं-बहनों को असुविधा न हो। बेटियां अपनी पढ़ाई में ध्यान दे सकें। करोड़ों लोगों के पास पहले बिजली, एलपीजी और टॉयलेट जैसी सुविधाएं भी नहीं थीं। ये सुविधाएं भी हमारी सरकार ने पहुंचाईं। ये सिर्फ सुविधाएं नहीं हैं, ये माताओं-बहनों के सम्मान का हमारी तरफ से नम्र प्रयास है। इससे उनके जीवन से अनेक मुश्किलें कम हुई हैं।
हमारी सरकार लोकमाता के मूल्यों पर चल रही-मोदी
मोदी ने कहा- हमारी सरकार लोकमाता अहिल्याबाई के इन्हीं मूल्यों पर चलते हुए काम कर रही है। नागरिक देवो भव:, ये आज गवर्नेंस का मंत्र है। सरकार की हर बड़ी योजना के केंद्र में माताएं, बहनें-बेटियां हैं। गरीबों के लिए 4 करोड़ घर बनाए जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर घर हमारी माताओं-बहनों के नाम हैं। इनमें से कई माताएं-बहनें ऐसी हैं, जिनके नाम पर पहली बार कोई संपत्ति दर्ज हुई हैं। यानी पहली बार घर की मालकिन बनी हैं।





