जिलों में परिवहन सेवा प्रबंधन के लिए सौंपे अधिकार

भोपाल, प्रदेश में लोक परिवहन सेवा शुरू करने के पहले राज्य सरकार ने जिलों में परिवहन सेवा प्रबंधन के लिए अधिकार सौंपे हैं। ग्वालियर चंबल संभाग के लिए परिवहन विभाग द्वारा एक नई कम्पनी के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है वहीं बाकी संभागों के लिए छह कम्पनियों के अलग-अलग क्षेत्र के आधार पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।

परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवाओं पर कंट्रोल और प्रशासनिक एकरूपता को लेकर मध्य प्रदेश यात्री परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की प्रबंध संचालक को सहायक क्षेत्रीय कंपनियों का पदेन अध्यक्ष नॉमिनेट किया गया है। इसके माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवाओं पर प्रभावी प्रबंधन किया जा सकेगा। परिवहन विभाग के अनुसार भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों, अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड को इंदौर संभाग के सभी जिलों और जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को जबलपुर संभाग के सभी जिलों के लिए पदेन अध्यक्ष नॉमिनेट किया गया है।

इसी तरह उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को उज्जैन संभाग के सभी जिलों, सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को सागर संभाग की सभी जिलों, रीवा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को रीवा एवं शहडोल संभाग के सभी जिलों के लिए पदेन अध्यक्ष घोषित किया गया है। दूसरी ओर ग्वालियर और चंबल क्षेत्र की सभी जिलों के लिए एक नई कंपनी का गठन किया जा रहा है जिसकी प्रक्रिया चल रही है।

कैबिनेट दे चुकी मंजूरी, 101 करोड़ की अंशपूंजी स्वीकृत

सरकार द्वारा यात्री परिवहन सेवा प्रारंभ करने के लिये 101 करोड़ 20 लाख रुपए की अंशपूंजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। सभी कंपनियों के साथ संभागीय कंपनी के रूप में मर्ज किये जाने का भी निर्णय लिया गया है।

7 कंपनियों के नियंत्रण के लिये राज्य स्तर पर होल्डिंग कंपनी

प्रदेश में परिवहन व्यवस्था के संचालन के लिए 7 कंपनियों पर नियंत्रण के लिये राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के अंतर्गत एक होल्डिंग कंपनी का गठन करने का भी निर्णय लिया गया है। कैबिनेट मीटिंग में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) से यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिये सुविधाओं का‍ निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिये पीपीपी मोड प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स से संचालित किया जायेगा। परिवहन सेवा की निगरानी के लिए आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन की स्थापना करते हुए बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। होल्डिंग कंपनी द्वारा आईटी प्लेटफार्म स्थापित करते हुए उस पर नोटिफाइड रूट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा।

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