कर्नाटक दौरे पर राहुल गांधी:1 लाख लोगों को घरों के मालिकाना हक के डॉक्यूमेंट सौंपेंगे, 2015 में वादा किया था

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज मंगलवार को कर्नाटक दौरे पर रहेंगे। यहां होसपेट शहर में एक कार्यक्रम के दौरान 1 लाख 11 हजार लोगों को घर के मालिकाना हक के डिजिटल डॉक्यूमेंट सौपेंगे। कार्यक्रम राज्य में कांग्रेस सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर हो रहा है।

घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और ग्रामीण खेतिहर समुदायों को डॉक्यूमेंट्स दिए जाएंगे। इनकी बस्तियां सार्वजनिक या निजी जमीन पर हैं। अब इनको ‘रेवेन्यू विलेज’ यानी राजस्व गांव का दर्जा मिलेगा। इससे इन लोगों को कानूनी तौर पर अपने घर का मालिकाना हक मिलेगा।

2015 में कर्नाटक दौरे के दौरान राहुल गांधी ने वादा किया था कि इन बस्तियों को मालिकाना हक मिलेगा। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, CM सिद्धारमैया और कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला भी शामिल होंगे।

राजस्व मंत्री बोले- 2023 से 1 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ मिला 

कर्नाटक सरकार में राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा- यह भारत का सबसे बड़ा टाइटल डीड (जमीन या मकान के मालिकाना हक का कानूनी डॉक्यूमेंट) वितरण कार्यक्रम है। करीब 6 लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा। कार्यक्रम में कांग्रेस सरकारी की 2 साल की मेहनत लोगों को समर्पित की जाएगी। हम भविष्य के लिए नई संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने बताया- 2017 से 2019 तक करीब 36,000 टाइटल डीड्स जारी हुए। 2019 से 2023 तक 72,000 डॉक्यूमेंट दिए गए। 2023 से अब तक दो साल में कांग्रेस सरकार ने 1 लाख से ज्यादा परिवारों को घर का मालिकाना हक दिया है। अगले 6 महीने में बाकी 50,000 लोगों को भी डॉक्यूमेंट दिए जाएंगे।

हर परिवार को डिजिटल खतौनी मिलेगा

कृष्णा बायरे गौड़ा ने डिजिटल डॉक्यूमेंट के बारे में कहा- अब जो टाइटल डीड्स मिल रहे हैं, वो डिजिटल फॉर्मेट में होंगे। इससे डॉक्यूमेंट खोने, फटने या फर्जीवाड़े की समस्या नहीं होगी। सरकार हर डॉक्यूमेंट को ग्राम पंचायत की ऑनलाइन संपत्ति रजिस्टर से सीधे लिंक कर रही है। यानी हर परिवार को अब डिजिटल खतौनी (खाता) भी मिलेगा, जिससे कोई उन्हें आसानी से जमीन या घर से बेदखल नहीं कर सकेगा।

मंत्री ने बताया- 2017 से 2023 के बीच जारी किए गए 1.2 लाख टाइटल डीड में से केवल 5,000 को ही ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में शामिल किया गया। बाकी लोग स्थानीय स्तर पर शोषण का शिकार होते रहे। अब नई डिजिटल व्यवस्था के तहत हर डॉक्यूमेंट्स सीधे ही रजिस्टर में जुड़ जाएगा।

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