राहुल रॉय की डेब्यू फिल्म ने उन्हें आसमान पर चढ़ाया, उन 11 दिनों की गलती ने कर दिया सब तबाह

हिंदी सिनेमा ने कई ऐसे सितारों को पर्दे से आते-जाते देखा, जिन्होंने एक झटके में जबरदस्त सफलता हासिल की। रातों-रात सुपरस्टार बन चुके इन सितारों ने फैंस के दिलों पर खूब राज किया। आज हम यहां बात कर रहे हैं राहुल रॉय की, जिनका हेयर स्टाइल, मासूम चेहरा और लवरबॉय इमेज ने सबका दिल धड़का दिया। उनकी फिल्म ‘आशिकी’ साल 1990 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्म रही और 6 महीनों तक लगातार सिनेमाघरों में चली। इतनी सुपरहिट फिल्म देने के बाद भी आज राहुल रॉय छोटे बजट की फिल्मों में काम करके अपना गुजारा कर रहे हैं।
आज ही के दिन 9 फरवरी 1966 को जन्मे राहुल रॉय ने महेश भट्ट की ‘आशिकी’ फिल्म से ही अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां पहली फिल्म के लिए उन्हें फीस के तौर पर 30 हजार रुपये मिले थे। इस फिल्म में लीड एक्ट्रेस रहीं अनु अग्रवाल की फीस एक्टर से अधिक बताई गई थी। पहली फिल्म सुपरहिट साबित हुई और फिल्म के गाने भी लोगों की जुबान पर रहे। कहा जाता है कि 1990 के समय फिल्म के गानों की सबसे ज्यादा एल्बम मार्केट में बेची गई थीं और आलम ये था कि शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान का क्रेज भी राहुल के आगे कम आंक जाने लगा।
ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर पिट गईं
कहते हैं कि किस्मत कब पलट जाए कहा नहीं जा सकता और एक गलती से एक्टर का करियर चौपट हो गया। ‘आशिकी‘ के बाद राहुल का स्टारडम इतना बढ़ गया कि उन्होंने बिना सोचे-समझे आनन-फानन में 11 दिनों में 47 फिल्में साइन कर डाली। फिल्मों की शूटिंग शुरू हुई और ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर पिट गईं। एक हिट देने के बाद एक्टर के करियर में फ्लॉप फिल्म की बाढ़ आ गई। उन्होंने बैक टू बैक ‘गजब तमाशा’, ‘सपने साजन के’, ‘फिर तेरी कहानी याद आई’, ‘गुमराह’, ‘नसीब’, ‘दिलवाले कभी न हारे’, और ‘बारिश’ जैसी फ्लॉप फिल्में दीं।
दमदार एक्टिंग की कमी भी नजर आई
राहुल की लोकप्रियता का ग्राफ जितनी तेजी से ऊपर गया, उतनी ही तेजी से नीचे भी आया। चॉकलेटी चेहरे और स्टाइलिश जुल्फों ने उन्हें पहचान जरूर दी, लेकिन दमदार एक्टिंग की कमी भी नजर आई। अकेले दम पर फिल्म को हिट करने की काबिलियत पर भी सवालिया निशान थे।
कई साल अस्पताल के बिस्तर पर रहे
वहीं, फ्लॉप फिल्मों के बीच एक्टर शारीरिक बीमारियों से भी परेशान रहने लगे और धीरे-धीरे सिनेमा की पर्दे से गायब होते गए। बाद में वे कई छोटे प्रोजेक्ट में नजर आए। साल 2020 में शूटिंग के दौरान आए ब्रेन स्ट्रोक ने उनकी जिंदगी बदल दी। कई साल अस्पताल के बिस्तर पर बिताने के बाद उन्हें हर तरीके से स्ट्रगल करना पड़ा।
शादी और फंक्शन में परफॉर्म कर चला रहे गुजारा
‘बिग बॉस’ में आकर अपनी किस्मत आजमाने वाले राहुल रॉय अब कम बजट की फिल्मों में दिखते हैं। बीते साल अक्टूबर के महीने में उनकी ‘अगर’ नाम की फिल्म रिलीज हुई है। फिल्मों के अलावा शादी और फंक्शन में हिस्सा लेकर भी अपना गुजारा कर रहे हैं।
राहुल रॉय 12°C की ठंड में शूटिंग कर रहे थे, जब उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया
वहीं उनकी जिंदगी में काल बनकर आया साल 2020। जहां एक तरफ कोरोना को लेकर हाहाकर मचा था वहीं राहुल रॉय को नवंबर 2020 में कारगिल में फिल्म ‘वॉक’ की शूटिंग के दौरान ब्रेन स्ट्रोक आया। राहुल रॉय कारगिल में -12°C की कड़ाके की ठंड में शूटिंग कर रहे थे, जब उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया, उन्हें Aphasia – बोलने/समझने में दिक्कत होने लगी। एक्टर को तुरंत पहले श्रीनगर और फिर मुंबई के नानावटी अस्पताल (Nanavati Hospital) में आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया। अत्यधिक ठंड में शूटिंग के कारण उनके ब्रेन के बाएं हिस्से में थक्के जम गए थे।
फिल्म थी कोविड टाइम की कहानी
रिकवरी के बाद राहुल रॉय ने मिड डे को दिए एक इंटरव्यू उन्होंने कहा था, ‘सेहत बिगड़ने के बाद शूट करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन डायरेक्टर सहित पूरी टीम के सपोर्ट से मैं इसे पूरा कर पाने में सफल रहा, मेरी रिकवरी जर्नी में मेडिकल ट्रीटमेंट, स्पीच थेरेपी और करीबियों ने अहम भूमिका निभा। एक्टर ने इस घटना के बाद एक्सरसाइज, डाइट और मेडिटेशन को डेली फॉलो किया। फिल्म ‘वॉक’ की शूटिंग राजस्थान और महाराष्ट्र में भी हुई है। ये फिल्म कोरोना काल में देश में लगे लॉकडाउन पर बेस्ड है जिसमें एक्टर रोशन के रोल में नजर आए। इस फिल्म में राहुल रॉय का किरदार कोविड टाइम में अपने दोस्त के बेटे को कंधे पर बिठाकर 1000 मील का सफर पैदल तय करता है। बाद में जम्मू कश्मीर फिल्म फेस्टिवल में फिल्म ‘वॉक’ की जमकर तारीफ हुई और इस मूवी को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड भी मिला।





