सचिन पायलट बन सकते हैं गुजरात के प्रभारी, राजनीतिक हलकों में तेजी से उभरा नाम, अभी कौन-कौन है प्रभारी?

अहमदाबाद: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राज्यसभा में भेजने की चर्चा के बीच गुजरात के प्रभारी का बदलने की अटकलें सामने आई हैं। चर्चा है कि कांग्रेस को शीर्ष नेतृत्व युवाओं के बीच तगड़ी लोकप्रियता रखने वाले सचिन पायलट को गुजरात का प्रभारी नियुक्त कर सकती है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा गुजरात कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के दिल्ली दौरे के बाद सामने आई है। गुजरात के प्रभारी अभी राज्यसभा के सदस्य मुकुल वासनिक हैं। गुजरात में कांग्रेस की कमान अमित चावड़ा के हाथों में है, जब डॉ. तुषार चौधरी विधानसभा में नेता विधायक दल हैं।
पहले भी राजस्थान के नेता रहे हैं प्रभारी
सचिन पायलट के नाम की चर्चा ऐसे वक्त पर सामने आई है जब राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही राज्य के बड़े शहरों अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट समेत अन्य जगहों पर महानगरपालिका के चुनावों की घोषणा होनी है। इन चुनावों को 2027 के चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है। चर्चा यह भी कि कांग्रेस नेतृत्व से जल्द प्रियंका गांधी भी गुजरात का दौरा कर सकती हैं। राजस्थान के नेता पहले भी गुजरात के प्रभारी रहे हैं। पूर्व सीएम अशोक गहलाेत और उनके करीबी रघु शर्मा पूर्व में गुजरात के प्रभारी रह चुके हैं। 2017 में जब कांग्रेस ने बीजेपी को 99 पर रोका था तब अशोक गहलोत ही राज्य के प्रभारी थे।
गुजरात में ‘नई कांग्रेस’ बनाने के लिए राहुल गांधी के निर्देश के बाद पार्टी ने कई नेताओं को मोर्चे पर लगाया था। गुजरात के प्रभारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव मुकुल वासनिक हैं, लेकिन उनके साथ रामकिशन ओझा, सुभाषिनी यादव, देवेंद्र यादव और बीवी श्रीनिवास चार एआईसीसी सेक्रेटरी तैनात हैं। इससे पहले ऊषा नायडू, बी एम संदीप भी गुजरात में एआईसीसी सेक्रेटरी रह चुके हैं। गुजरात की राजनीति पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि अगर सचिन पायलट को पार्टी कमान देती है तो वह एक नई ऊर्जा भर सकते हैं क्योंकि उनकी छवि आकर्षक युवा नेता की है। गुजरात में कांग्रेस के पास 26 लोकसभा में अभी 1 सीट है, जब 182 सदस्यों वाली विधानसभा में 12 विधायक है। 2022 के चुनाव में पार्टी 17 सीटें जीती थी। पांच विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं।





