शाहरुख खान के को-स्टार ने बॉलीवुड छोड़ शुरू किया स्टॉल बिजनेस, ‘शार्क टैंक’ ने दी 2.5 करोड़ की फंडिंग

‘ शार्क टैंक इंडिया 5 ‘ की शुरुआत काफी धमाकेदार रही, जिसमें पहली पिच बहुत अनोखी थी। मुंबई के चार यंगस्टर्स- राहुल विनोद वोहरा, अन्नाया अग्रवाल, अमाय ठक्कर और वीर पिंटो की पिच को ‘शार्क्स’ के पैनल ने खूब सराहा। क्रॉफल गाइज और उनके प्रोडक्ट – क्रोसोआं और वफल के हाइब्रिड ने भी उन्हें काफी इंप्रेस किया। शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 के पहले पिच में 1 प्रतिशत इक्विटी के लिए 1 करोड़ रुपये के निवेश की मांग की गई थी, जबकि उनकी कंपनी का वैल्यू 100 करोड़ रुपये था।

‘शार्क टैंक इंडिया 5’ में ‘द क्रॉफल गाइज’ के संस्थापकों में से एक, राहुल वोहरा ने स्क्रीन से शो में अपने अनुभव के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने पहले शाहरुख खान के साथ काम किया था, लेकिन बाद में फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर दोस्तों के साथ अपना बिजनेस शुरू किया। राहुल ने कहा, ‘यह सोनी की राइटिंग टीम और हमारी साथ की कोशिश थी। वीर और मैं फिल्म इंडस्ट्री से आते हैं, इसलिए प्रोडक्ट दिखाने को फिल्मी बनाना हमारी तरफ से एक सुझाव था।’

शाहरुख खान संग काम किया, अब कर रहे बिजनेस

शो में राहुल और वीर ने फिल्म इंडस्ट्री से अपने जुड़ाव के बारे में बताया। वीर धर्मा प्रोडक्शंस में करण जौहर के साथ मिलकर काम करते हैं, वहीं राहुल शाहरुख खान के साथ एक ऐड में स्क्रीन शेयर कर चुके हैं। इसके अलावा, फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने से पहले उन्होंने कबीर खान के साथ नौ साल तक काम किया। शाहरुख खान के साथ ऐड की शूटिंग के बारे में बात करते हुए राहुल ने कहा, ‘एसआरके के साथ ऐड करना मेरे लिए सपने सच होने जैसा था। मैं न्यूयॉर्क से आया था और हमेशा से एक्टर बनना चाहता था। मुझे कबीर खान के साथ पहला ब्रेक मिलने का सौभाग्य मिला। मैं उनके यहां इंटर्नशिप कर रहा था और तभी यह मौका मिला… मैंने हमेशा कबीर खान से कहा था कि मैं एक्टिंग करना चाहता हूं और उनसे मदद मांगी थी। मुकेश छाबड़ा ने मुझे ऐड में कास्ट करने का सुझाव दिया, जो दुबई टूरिज्म का एक बड़ा विज्ञापन था जिसमें शाहरुख खान थे। मैं उस विज्ञापन की कहानियों में से एक था।’

कबीर खान के साथ 9 साल काम किया

उन्होंने आगे बताया, ‘मैंने कबीर के साथ 9 साल काम किया है, वे मेरे लिए पिता समान हैं, जब मैं 21 साल का था तब से वे मेरे मार्गदर्शक रहे हैं। मेरी पहली नौकरी उन्हीं के साथ थी और मैं उनके साथ ही आगे बढ़ा। मैंने एक इंटर्न से शुरुआत की, फिर उनके वीएफएक्स प्रोड्यूसर, उनके डायरेक्टर के असिस्टेंट और फिर एसोसिएट डायरेक्टर बना। आखिरकार मैंने उनके साथ एक फिल्म का को-डायरेक्शन भी किया, जिसका नाम था ‘माई मेलबर्न’, और इसका प्रीमियर केवल फिल्म फेस्टिवल में हुआ। उनके साथ बिताया समय मेरे जीवन का सबसे सुखद अनुभव रहा है।’

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