पीवी सिंधु को हराकर जीता था ओलंपिक गोल्ड, तीन बार वर्ल्ड चैंपियन, अब कैरोलिना मारिन ने 32 साल की उम्र में क्यों लिया संन्यास?

नई दिल्ली: बैडमिंटन की दिग्गज खिलाड़ी कैरोलिना मारिन ने घुटने की चोट से लंबे समय तक परेशान रहने के बाद बृहस्पतिवार को अपने पेशेवर करियर से संन्यास लेने की घोषणा की। उनके करियर में ओलंपिक स्वर्ण पदक और तीन विश्व चैंपियनशिप खिताब शामिल हैं।

मारिन ने किया संन्यास का ऐलान

मारिन ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश साझा कर कहा, ‘मेरा सफर यहीं समाप्त होता है।’ उन्होंने बताया कि चोट के कारण उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रतियोगिता से दूर रहने का कठिन निर्णय लिया। उन्होंने कहा, ‘मैं चाहती थी कि हम आखिरी बार ट्रैक पर मिलें लेकिन मैं अपने शरीर को जोखिम में नहीं डालना चाहती।’

कई खिताब किए अपने नाम

इस 32 साल की खिलाड़ी ने भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के साथ कई यादगार मुकाबले खेले। उन्होंने रियो 2016 ओलंपिक और 2018 विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में सिंधु को हराया था। उनके करियर में 2014, 2015 और 2018 में विश्व चैंपियनशिप, सात यूरोपीय खिताब और 2016 ओलंपिक स्वर्ण पदक शामिल हैं।

मारिन का अंतिम प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन पेरिस 2024 ओलंपिक में हुआ जो दो गंभीर एसीएल चोटों के बाद उनकी शानदार वापसी थी। वह हुएल्वा में आयोजित होने वाले आगामी यूरोपीय चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगी, लेकिन अपने शहर के सम्मान में वहां उपस्थित रहेंगी।

अपने खेल पर जताया गर्व

उन्होंने कहा, ‘मैं हुएल्वा में रैकेट हाथ में नहीं लूंगी, लेकिन अपनी ऊर्जा शहर को लौटाते हुए संन्यास लूंगी।’ मारिन ने अपने खेल जीवन पर गर्व जताते हुए कहा, ‘मुझे खेल जगत में अपनी सभी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है। न केवल खिताबों के लिए, बल्कि मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह सम्मान अर्जित करने के लिए भी।’

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