नाबालिगों के अधिकारों की सुरक्षा में सख्त प्रशासन

सुकमा। नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा और न्यायिक निर्देशों के कड़ाई से पालन को लेकर सुकमा जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत गठित जिला स्तरीय जेल निरीक्षण समिति ने 21 मार्च 2026 को जिला जेल सुकमा का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी स्थिति में 18 वर्ष से कम आयु के विचाराधीन बंदियों को जेल में निरुद्ध न रखा जाए। समिति के सदस्यों ने जेल में बंद कैदियों से सीधे संवाद कर उनकी उम्र, जन्मतिथि एवं संबंधित दस्तावेजों की जानकारी ली, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और गंभीरता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

इस दौरान एक संदिग्ध प्रकरण को चिन्हांकित किया गया, जिस पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई बंदी नाबालिग पाजाता है, तो उसे तत्काल बाल संप्रेक्षण गृह में स्थानांतरित किया जाएगा। यह निरीक्षण नियमित तिमाही व्यवस्था का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत प्रतिवेदन विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजा जाता है।

इसके लिए शासन के निर्देशानुसार जिले में जेल निरीक्षण समिति का गठन किया गया है। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष महोदय  कैलाश जैन अधिवक्ता, जिला बाल संरक्षण इकाई सुकमा से जिला बाल संरक्षण अधिकारी जितेन्द्र सिंह बघेल, उप पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी विशेष किशोर पुलिस इकाई सुश्री मोनिका श्याम, सदस्य बाल कल्याण समिति सुकमा श्रीमती चौशवानी सिन्हा एवं सामाजिक कार्यकर्ता  आदर्श कुमार द्वारा निरुद्ध बंदियो के उम्र की जानकारी ली गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button