मानस भवन के पीछे 27परिवारों की नहीं हो सकी शिफ्टिंग

भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पीछे बसे 27 झुग्गी परिवारों को सोमवार सुबह हटाया जाना था। प्रशासन ने भी पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन रविवार को कांग्रेस के विरोध के बाद आज की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

हालांकि, अधिकारी पुलिस बल की मौजूदगी नहीं होने की बात कह रहे हैं। शहर वृत एसडीएम दीपक पांडे ने बताया, पर्याप्त पुलिस बल की अनुपलब्धता के कारण आज कार्यवाही स्थगित की है, जल्दी ही की जायेगी।

जीतू पटवारी पहुंचे थे बस्ती, लोगों से मिले

जिला प्रशासन परिवारों को मालीखेड़ी में शिफ्ट करेगा। चार दिन पहले 25 दिसंबर को इन्हें एसडीएम ने बेदखली के आदेश जारी किए थे। इस मुद्दे पर कांग्रेस भी मैदान में उतर गई हैं। रविवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बस्ती में पहुंचे और उन्हें कार्रवाई का विरोध जताया था।

दूसरी ओर, अपर कलेक्टर अंकुर मेश्राम ने सभी को सोमवार सुबह मानस भवन के पीछे आमद देने को कहा है। कुल 101 एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

यहां पर खसरा नंबर-1413/1 रकबा 31.5130 हेक्टेयर नोईयत वन अंशभाग 5613 वर्ग फीट के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई होना थी। यह साल की आखिरी बड़ी कार्रवाई हो सकती थी। इससे पहले हथाईखेड़ा में बेशकीमती सरकारी जमीन से सालों पुराना कब्जा हटाया जा चुका है।

कांग्रेस का विरोध-कार्रवाई को लेकर गोलमटोल जवाब मानस भवन के पीछे झुग्गी में रहने वाले परिवारों की शिफ्टिंग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस सवाल खड़े कर चुकी हैं। कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध जताया है। रविवार को प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने एडीएम को खरी-खोटी सुनाई थी। अफसरों को डर है कि कहीं कार्रवाई के दौरान कोई हंगामा न हो जाए। इसलिए पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोले- कलेक्टर को बता देना, एक भी ईंट हटाओगे तो मैं यहां खड़ा मिलूंगा पीसीसी चीफ पटवारी रविवार को मानस भवन में सामाजिक न्याय सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। यहां मानस भवन से लगी आदिवासियों की झुग्गी बस्ती की महिलाएं नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के साथ पटवारी से मिलने पहुंचीं।

आदिवासी बस्ती की महिलाओं ने जीतू पटवारी से कहा कि करीब 60-70 साल से हम लोग यहीं पीछे झुग्गी बस्ती में रहते आए हैं। प्रशासन ने हमारे घर तोड़ने का नोटिस दिया है। आप हमारी स्थिति देख लीजिए, तंग गलियों में हमने कर्ज लेकर जैसे तैसे छोटे-छोटे घर बनाए अब प्रशासन इन्हें मानस भवन के लिए तोड़ना चाहता है। इसके बाद जीतू पटवारी आदिवासी बस्ती में खुद गए और स्थिति को देखा।

मौके से ही पटवारी ने पहले स्थानीय एसडीएम दीपक पांडे को फोन किया और कहा कि मैंने कलेक्टर साहब को फोन लगाया था, उनका फोन बंद आ रहा है। मैं चीफ सेक्रेटरी से भी बात कर रहा हूं। ये मानस भवन वाले मकान अगर आप तोड़ोंगे तो हम आपके खिलाफ खड़े रहेंगे। मैं खुद भी आऊंगा और हमारी पूरी कांग्रेस रहेगी। ये बता देना।

पटवारी ने एडीएम मेश्राम को भी कॉल किया और कहा कि पुरानी आदिवासी बस्ती है अगर इसे तोड़ोंगे तो बता देना प्रशासन को, मैं और पूरी कांग्रेस यहां खड़ी मिलेंगी।

तीन जगहों पर शिफ्टिंग का अनुमान इन परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा, और मालीखेड़ी में बने आवासों में शिफ्ट किया जाएगा। यहां पर लोगों को निशुल्क, यानी बिना राशि लिए, ये आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। आवास की राशि 2 लाख प्रति परिवार मानस भवन प्रबंधन उठाएगा। मालीखेड़ी को लेकर राशि भी नगर निगम को जमा करवा दी गई है।

70 साल पुरानी है ये बस्ती यह बस्ती लगभग 70 साल पुरानी है। यहां 27 से अधिक आदिवासी और कुछ गैर-आदिवासी परिवार रहते हैं। शासन ने 25 अगस्त को नोटिस जारी किया और कहा गया कि सात दिन में जगह खाली करें। यहां 27 परिवारों के 200 से ज्यादा लोग रहते हैं। दीवाली के दौरान शिफ्टिंग का विरोध भी हुआ था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button