इंदौर के भागीरथपुरा कांड की जांच करने बनी समिति भंग, हाईकोर्ट ने गठित किया एक सदस्यीय जांच आयोग

भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल आपूर्ति से हुईं मौतों के मामले की समीक्षा कर निष्कर्ष, सुझाव और अनुशंसाएं देने के लिए अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में समिति बनाई गई थी। इसे एक माह में रिपोर्ट देनी थी लेकिन भंग कर दिया गया। दरअसल, हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश सुशील कुमार गुप्ता का एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया है।

यह भी लगभग उन्हीं बिंदुओं पर समीक्षा करेगा, जो शासन द्वारा गठित समिति करती, इसलिए शासन ने अपनी समिति भंग कर दी। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर संबंधितों को सूचित भी कर दिया है ताकि कोई भ्रम न रहे।

सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार 19 जनवरी को संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में गठित समिति में प्रमुख सचिव पी. नरहरि, आयुक्त नगरीय विकास संकेत भोंडवे और सदस्य सचिव कमिश्नर इंदौर डा.सुदाम खाडे को बनाया था।

इसे एक माह में घटना के वास्तविक कारणों व आवश्यक तथ्यों का परीक्षण करना, प्रशासनिक, तकनीकी और प्रबंधनगत कमियों का विश्लेषण करना, अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सुझाव देना था। न्यायिक आयोग इन बिंदुओं के अलावा यह भी देखेगा कि दूषित पानी के कारण वास्तव में कितनी मौत हुईं।

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