रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की पूरी प्लानिंग जेल के अंदर से हुई, ऐसे हुआ मोटरसाइकिल, पिस्तौल का इंतजाम

बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस हमले की साजिश बिश्नोई गैंग के महाराष्ट्र प्रमुख शुभम लोनकर और उसके भाई प्रवीण लोनकर ने रची थी। खास बात यह है कि प्रवीण लोनकर इस वक्त बाबा सिद्दीकी हत्याकांड मामले में जेल में बंद है। इसके बावजूद उसने रोहित शेट्टी पर हमले के लिए हथियार और आर्थिक मदद मुहैया कराई।
क्राइम ब्रांच को शक है कि प्रवीण लोनकर ने जेल में रहते हुए ही इस पूरे अपराध का नेटवर्क तैयार किया। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में शामिल मुख्य शूटर समेत अब तक पुणे, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रवीण लोनकर फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और जल्द ही उसे इस मामले में औपचारिक रूप से पुलिस कस्टडी में लिया जाएगा।
जेल में बंद रहते हुए प्रवीण ने यह सब कैसे मैनेज किया
पुलिस के मुताबिक, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, पिस्तौल और हमले के लिए जरूरी रकम प्रवीण लोनकर के निर्देश पर ही उपलब्ध कराई गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल में बंद रहते हुए प्रवीण ने यह सब कैसे मैनेज किया। वह किन लोगों के संपर्क में था और मेसेज के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।
रविवार रात हरियाणा और राजस्थान से गिरफ्तारी
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की 12 टीमें काम कर रही हैं। प्रवीण लोनकर की कस्टडी मिलने के बाद साजिश के बाकी लिंक और बिश्नोई गैंग की आगे की योजनाओं से पर्दा उठ सकेगा। गोलीबारी के आरोप में कथित शूटर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस के एंटी एक्स्टॉर्शन सेल ने रविवार रात हरियाणा और राजस्थान से कथित शूटर दीपक शर्मा और इस मामले में शामिल पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
दीपक चंद्रा बेहद कम पढ़ा-लिखा है
मुंबई पुलिस के सीनियर अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी का नाम दीपक चंद्रा है, जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। इस खुलासे के साथ कई अहम बातें सामने आई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबित, दीपक चंद्रा बेहद कम पढ़ा-लिखा है और उसके खिलाफ पहले से कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं पाया गया है। आरोपी सामान्य पारिवारिक बैकग्राउंड से आता है। उसके परिवार में चार से पांच सदस्य हैं। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी को किसी बड़े नेटवर्क के जरिए इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और डिजिटल फुटप्रिंट्स निकाले
इस आरोपी तक पहुंचने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच ने लंबे समय तक बेहद सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। फायरिंग की घटना वाली रात से ही आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस ने इलाके के तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आरोपी की मूवमेंट को ट्रैक किया। टेक्निकल सर्विलांस के साथ-साथ ह्यूमन इंटेलिजेंस ने भी इस केस में अहम भूमिका निभाई।
अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी
इस पूरे मामले की जांच करते हुए पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस इस केस को बड़े आपराधिक साजिश के तौर पर देख रही है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले की तह तक जाने के लिए घटनास्थल को दोबारा रिक्रिएट किया था। सभी पहलुओं की गहनता से जांच की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों को मुंबई आने के बाद शुभम लोनकर ने पैसों की सप्लाई की थी। यह रकम पहले 40 हजार बताई जा रही थी, लेकिन बाद में यह 51 हजार रुपए निकली, जिसमें स्कूटी की खरीद भी शामिल थी।





