कलेक्टर की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन की बैठक सम्पन्न

दुर्ग । कलेक्टर  अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में विगत दिवस जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गयी। जिला पंचायत के कार्यपालन अधिकारी  बजरंग दुबे ने अवगत कराया कि ग्राम स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत समस्त 381 ग्रामों में घर-घर कचरा एकत्रिकरण कर सेग्रीगेशन वर्कशेड में स्वच्छाग्राहियों द्वारा पृथक्कीकरण का कार्य किया जा रहा है। कुल 155 ग्रामों में घरों से एवं 90 ग्रामों में बाजार व दुकानों से स्वच्छता युजर चार्ज लिया जा रहा है। 4 ग्राम बिजनेस मॉडल की स्थिति को प्राप्त कर चुके है। 307 ग्राम की स्वच्छाग्राहियों द्वारा कबाड़ी वाले के साथ एमओयू किया गया है। प्रतिमाह एकत्र युजर चार्ज एवं विक्रय किये गये प्लास्टिक वेस्ट से आय की ग्रामवार जानकारी भी दी गई। मनरेगा अंतर्गत निर्मित 2140 सामुदायिक नाडेप एवं 835 वर्मी कंपोस्ट क्रियाशील अवस्था में है। साथ ही सेग्रीगेशन शेड के समीप एक-एक नाडेप एवं वर्मी कंपोस्ट पिट का निर्माण किया गया है। नाली के अंतिम छोर में सोकपीट निर्माण किये जाने हेतु जनपद पंचायत दुर्ग में 81, धमधा में 162 एवं पाटन में 450 इस प्रकार कुल 693 स्थानों को चिन्हांकित किया गया है। इस हेतु जनपद पंचायत धमधा से 195 एवं जनपद पंचायत पाटन से 127 मांगपत्र प्राप्त हुए है। जनपद पंचायत दुर्ग में 506, जनपद पंचायत धमधा में 935 एवं जनपद पंचायत पाटन में 1415 इस प्रकार कुल 2856 तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु सार्वजनिक स्थानों पर पूर्व में निर्मित सोकपिट क्रियाशील है। कलेक्टर  सिंह ने प्रतिमाह बिजनेस मॉडल ग्राम की संख्या को बढ़ाने तथा कबाड़ी वाले के साथ शेष एमओयू को 10 दिवस के भीतर करने के निर्देश दिये। उन्होंने जैविक कचरे के निपटान हेतु निर्मित समस्त वर्मी व नॉडेप टैंक को क्रियाशील रखे जाने हेतु निर्देश दिये। कलेक्टर  सिंह ने जनपद पंचायत दुर्ग से नाली के अंतिम छोर में सोकपिट निर्माण करने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति हेतु मांगपत्र दिये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा समस्त चिन्हांकित स्थानों के लिए तकनीकी स्वीकृति एवं मांगपत्र प्रेषित किये जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि मनरेगा एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अभिसरण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 344 रिचार्ज पिट कार्य पूर्ण किये जा चुके है। जिसमें से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 25 हैण्डपम्पों का चयन कर मई 2025 में जांच किया गया है। जिसमें रिचार्ज पिट निर्माण पश्चात जल स्तर बढ़ने की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। ट्रिपल पी मॉडल अंतर्गत ग्राम पंचायत कोलिहापुरी को ए.एस. पॉलिमर संस्था से लिंक कर एमओयू किया गया है। जिनके माध्यम से गट्टा मशीन लगाकर प्लास्टिक प्रोसेसिंग किया जायेगा तथा ग्राम पंचायत गाड़ाडीह जनपद पंचायत पाटन में समर्थन संस्था से लिंक कर एमओयू किया जा रहा है। जिसके माध्यम से प्लास्टिक गलाकर नई सामग्री तैयार की जाएगी। इस हेतु तीनों विकासखण्ड के सभी ग्राम में निर्मित सेग्रीगेशन शेड को लिंक किया गया है। ग्रामों से प्लास्टिक एकत्र कर पीडबल्यूएमयू तक लानेे के लिए माल वाहक ई-रिक्शा की आवश्यकता है। जिसके लिए कलेक्टर से डीएमएफ मद से ई-रिक्शा प्रदाय किये जाने हेतु प्रस्ताव रखा गया है। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से समस्त हैण्डपम्पों के वाटर लेवल परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत कराये जाने तथा मानसून के पश्चात एवं ग्रीष्म काल में पुनः वाटर लेवल जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने निजी ऐजेन्सी के साथ एमओयू के पश्चात कार्य प्रारंभ किये जाने पर प्लास्टिक के प्रोसेसिंग की मात्रा एवं आय-व्यय के विवरण संधारित करने के निर्देश दियेे। अन्य ग्राम पंचायतों से प्राप्त हो रहे प्लास्टिक का वजन कर बाजार मुल्य पर एजेंसी द्वारा तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने कहा गया तथा पीडबल्यूएमयू में ई-रिक्शा प्रदाय कराये जाने हेतु प्रस्ताव एवं मांग पत्र प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये गये।

जिला पंचायत सीईओ  दुबे ने बताया फिकल स्लज मैनेजमेंट माह जुलाई में जनपद पंचायत दुर्ग में 09, धमधा में 16 एवं पाटन में 11 बार डी-स्लज किया गया है। जनपद पंचायत धमधा को माह जुलाई में इस कार्य से 27 हजार रू. की आय प्राप्त हुई है। जिसमें से 24 हजार 500 रू. व्यय किया गया। जनपद पंचायत पाटन को माह जूलाई में इस कार्य से 33 हजार रू. की आय प्राप्त हुई है, जिसमें से 30 हजार रू. मात्र व्यय किया गया। जनपद पंचायत दुर्ग में डी-स्लज वाहन न होने के कारण नगर निगम दुर्ग से लिंक कराया गया है। जनपद पंचायत दुर्ग में डी-स्लज वाहन की आवश्यकता है इस हेतु कलेक्टर के समक्ष डीएमएफ मद से डी स्लज वाहन प्रदाय करने हेतु प्रस्ताव रखा गया। कलेक्टर  सिंह ने जिले में निजी वाहनों द्वारा डी-स्लज करने वाले एजेंसी का पता लगाये जाने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा यदि निजी वाहन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में डी-स्लज का कार्य किया जा रहा है तो उनकी पहचान कर एफएसटीपी में डी-स्लज किये जाए। खुले स्थान में डी-स्लज खाली करने पर कार्यवाही किये जाने तथा डी स्लज वाहन प्रदाय कराये जाने हेतु प्रस्ताव एवं मांग पत्र प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये गये। प्रत्येक ग्राम में न्युनतम एक सामुदायिक शौचालय निर्माण को लक्ष्य लेते हुए कुल 433 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण की दी गई। स्वीकृति में से 411 का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिनमें से 407 सामुदायिक शौचालय उपयोग की स्थिति में है। सामुदायिक शौचालय का उपयोग सामाजिक, पारिवारिक आदि कार्यक्रमों में किया जा रहा है। प्रतिमाह 04 से 05 ग्राम पंचायत में सार्वजनिक कार्यक्रमों में युजर चार्ज लेने हेतु कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कलेक्टर द्वारा ग्राम पंचायत में निर्मित सभी सर्वजनिक शौचालयों को क्रियाशील बनाए रखने एवं युजर जार्च प्रभावी कर बिजनेस मॉडल बनाया जाना सुनिश्चित करने निर्देश दिये गये। नवीन सामुदायिक शौचालय के निर्माण में उचित स्थान का चयन एवं दुकान का प्रावधान किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया।

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