‘नेताओं के बच्चे सरकारी स्कूल जाएं, तभी सुधरेंगे हालात’, रविंद्र सिंह भाटी विधानसभा में जमकर दहाड़े

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने एक बार फिर अपने तीखे तेवरों से सदन का ध्यान खींच लिया। प्रदेश की चरमराती सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए भाटी ने वह कड़वा सच बोला, जिसने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को आईना दिखा दिया।

नेताओं की दोहरी नीति पर प्रहार

सदन में चर्चा के दौरान भाटी ने दो टूक शब्दों में कहा, ‘जब तक नेताओं और रसूखदारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक इन स्कूलों के हालात कभी नहीं सुधरेंगे।’ उन्होंने आरोप लगाया कि आज के नीति-निर्धारक केवल अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करते हैं और उन्हें आलीशान प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं। भाटी ने तर्क दिया कि यदि नेताओं के बच्चे उन्हीं टाट-पट्टियों पर बैठेंगे जहां आम जनता का बच्चा बैठता है, तो स्कूलों की छतें भी रातों-रात सुधरेंगी और शिक्षकों की कमी भी दूर हो जाएगी।

आम जनता से सरोकार का सवाल

भाटी ने जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते ड्रॉपआउट रेट का हवाला देते हुए कहा कि हमारे नेता आम जनता की समस्याओं से पूरी तरह कट चुके हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं को आम जनता के बच्चों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं है, यही कारण है कि सरकारी स्कूलों में आज भी बुनियादी सुविधाओं जैसे- पीने का पानी, शौचालय और बिजली का अभाव है।

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