निशातपुरा में ‘सृजन’ कार्यक्रम का समापन…:शक्ति से सुरक्षा की ओर… 350 बच्चों ने सीखा आत्मरक्षा का हुनर

भोपाल, अपराध नियंत्रण से आगे बढ़कर अब पुलिस समाज के भविष्य को गढ़ने की भूमिका में भी नजर आ रही है। राजधानी के निशातपुरा थाना क्षेत्र में आयोजित 16 दिवसीय ‘सृजन’ कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। इसमें बस्तियों के 350 बच्चों ने आत्मरक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास का पाठ सीखा।
यह आयोजन पुलिस और मुस्कान संस्था के संयुक्त प्रयास से किया गया। ‘सृजन’ पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग की एक पहल है। इसके तहत निचली बस्तियों के बच्चों को मार्शल आर्ट, सांस्कृतिक गतिविधियों और लाइफ स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाती है। इसका मकसद उन्हें आत्मनिर्भर, जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
सांस्कृति कार्यक्रम….
गांधीनगर, आरिफ नगर, कमला नगर व एहसान नगर के बच्चों ने इस प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। समापन समारोह में डीआईजी विनीत कपूर समेत अन्य अफसर मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। बच्चों ने मराठी और गोंडी लोक नृत्य के साथ सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया।
इसके बाद मार्शल आर्ट, पावर वॉक व अनुशासित परेड ने सबका ध्यान खींचा। पुलिस और अन्य एजेंसियों की वर्दी पहनकर बच्चों की परेड इस बात का संकेत थी कि सही मार्गदर्शन मिले तो प्रतिभा हर जगह उभर सकती है।
जब एक पल बन गया सपना
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने पावर वॉक करती अपनी नन्ही बेटी को पुलिस यूनिफॉर्म में आईपीएस कैप पहनवाई। यह नजारा बच्चों के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य का सपना बन गया कि वे भी एक दिन इसी वर्दी में समाज की सेवा कर सकते हैं।
16 दिनों में बदला व्यवहार
प्रतिभागी बच्चों और उनके अभिभावकों ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में स्पष्ट बदलाव आया है। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण की रिपोर्ट बताते हुए सभी 350 बच्चों को प्रमाण पत्र भी दिए।





