मंदिर के पुजारी ने 6 महीने की मेहनत और मात्र 10 लाख में बना दी ऐसी फिल्‍म, पूरी कन्‍नड़ इंडस्‍ट्री को हो रहा गर्व

कर्नाटक के बेंगलुरु के पास सिद्धेहल्ली गांव के एक पुजारी ने कुछ ऐसा कर दिया है, जिस पर अब पूरी कन्‍नड़ फिल्‍म इंडस्‍ट्री को गर्व है। एक तरह जहां बॉक्‍स ऑफिस पर साउथ सिनेमा की भारी-भरकम बजट वाली फिल्‍में पिट रही हैं। नरसिम्‍हा मूर्ति नाम के पुजारी जी ने सिर्फ 10 लाख रुपये खर्च कर 6 महीनों की मेहनत से एक अनूठी फिल्‍म बनाई है। इस फिल्‍म में ना तो कोई एक्‍टर है, ना कोई म्‍यूजिक डायरेक्‍टर और ना ही कोई क्रू। न‍रसिम्‍हा मूर्ति ने सबकुछ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल कर किया है। बताया जाता है कि यह सैंडलवुड की पहली AI-जनरेटेड फिल्म है।

नरसिम्हा मूर्ति के लिए यह फिल्‍म ‘लव यू’ उनका सपना था। इसे पूरा करने के लिए उन्‍होंने नूतन नाम के एक AI तकनीशियन की मदद ली, जो पहले ग्राफिक डिजाइनर थे। 95 मिनट की इस AI कन्नड़ फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने भी U/A सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की अनुमति दे दी है।

30 AI टूल्‍स का इस्‍तेमाल कर बनाई फिल्‍म

नरसिम्‍हा और नूतन की दो लोगों की इस टीम ने AI की मदद से फिल्‍म के एक्‍टर्स, साउंडट्रैक और विजुअल तक सब कुछ डिजाइन किया है। इसमें ड्रोन शॉट्स भी शामिल हैं। 10 लाख के बजट पर छह महीने में ‘लव यू’ को पूरा किया गया है। इसके लिए 30 अलग-अलग AI टूल का इस्तेमाल किया गया। फिल्‍म के बजट का अधितकर हिस्‍सा AI सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग पर खर्च किए गए हैं।

AI से बनी ‘लव यू’ फिल्‍म में हैं 12 गाने

हमारे सहयोगी ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ से बातचीत में नरसिम्हा मूर्ति ने कहा कि वह ‘दुनिया की पहली AI फीचर फिल्म’ बनाना चाहते थे और इसे सिनेमाघरों में रिलीज करना चाहते हैं। उनकी योजना रिकॉर्ड बनाने के लिए इसे सिर्फ एक बड़ी स्क्रीन पर दिखाने की है। दिलचस्‍प बात ये है कि 95 मिनट की इस कन्‍नड़ फिल्म में 12 गाने और AI से तैयार किए गए डायलॉग्‍स हैं। हालांकि, उन्होंने गीत और डायलॉग्‍स लिखने में योगदान दिया है।

2024 में बन चुकी है दुनिया की पहली AI फीचर फिल्‍म

हालांकि, जानकारी के लिए बता दें कि ‘लव यू’ दुनिया की पहली AI-जनरेटेड फीचर फिल्म नहीं है। इससे पहले 2024 में ‘व्हेयर द रोबोट्स ग्रो’ नाम की एक AI फिल्‍म रिलीज हो चुकी है। नरसिम्‍हा ने सेंसर बोर्ड से मिली प्रतिक्रिया के बारे में भी बात की और कहा, ‘रीजनल सेंसर ऑफिसर ने भी सीन दर सीन कैरेक्‍टर्स के बीच सिंकिंग की समस्‍या की ओर इशारा किया। इन किरदारों पर इमोशनल सीन बनाना चुनौती थी, और लिप-सिंकिंग भी। हालांकि, सेंसर बोर्ड ने हमारी महत्वाकांक्षा और इनोवेशन की सराहना की।’

नूतन बोले- 6 महीने पुराने हैं AI टूल्‍स, अब हजार गुना बेहतर बनेगी फिल्‍म

फिल्‍म के तकनीक पर बात करते हुए नूतन ने कहा, ‘हमने जो AI तकनीक इस्‍तेमाल किए हैं, वे पहले से ही छह महीने पुराने हैं। अगर हम आज उसी फिल्म को फिर से बनाते हैं, तो यह हजार गुना बेहतर होगी।’

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