खिलौना व्यापारी ने दी थी सिवनी हवाला की टिप:कॉन्स्टेबल से DSP तक पहुंचा इनपुट

सिवनी हवाला कांड की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को नए इनपुट्स मिले हैं। इनके मुताबिक, रकम के मूवमेंट की खबर सबसे पहले जबलपुर के खिलौना व्यापारी पंजू गिरी गोस्वामी ने दी थी। उसने क्राइम ब्रांच के कॉन्स्टेबल प्रमोद सोनी को इस बारे में बताया था। इसके बाद यह जानकारी बालाघाट में पदस्थ हॉक फोर्स प्रभारी डीएसपी पंकज मिश्रा तक और आखिर में डीएसपी पूजा पांडे और उनके नेटवर्क तक पहुंची।

ताजा घटनाक्रम में डीएसपी पूजा पांडे ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। इस पर जस्टिस देवनारायण मिश्रा की अदालत में इसी सप्ताह सुनवाई हो सकती है।

SIT के मुताबिक, पंजू गोस्वामी कई साल से हवाला कारोबार में लिप्त है। साल 2021 में जीआरपी ने नागराज पिल्लै को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 30 लाख रुपए मिले थे। पूछताछ में नागराज ने बताया था कि वह पंजू गोस्वामी के लिए काम करता था। हर टूर के एवज में उसे 8 हजार रुपए मिलते हैं।

इससे पहले 2018 में जबलपुर के करमचंद चौक स्थित पंजू गोस्वामी की दुकान पर छापेमारी में आयकर विभाग ने 65 लाख रुपए जब्त किए थे। दोनों मामलों की जांच जारी है।

सतना से जबलपुर के रास्ते महाराष्ट्र जा रही थी हवाला की रकम कॉन्स्टेबल प्रमोद सोनी लंबे समय से जबलपुर क्राइम ब्रांच में तैनात है। इसी दौरान उसकी मुलाकात पंजू गोस्वामी से एक मामले के सिलसिले में हुई थी। पंजू को जैसे ही पता चला कि सतना से बड़ी रकम जबलपुर के रास्ते महाराष्ट्र भेजी जा रही है, उसने तुरंत इसकी जानकारी प्रमोद को दे दी।

DSP साली ने जीजा को दी रकम ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी इस बहुचर्चित मामले में एसआईटी ने मंगलवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें डीएसपी पंकज मिश्रा, कॉन्स्टेबल प्रमोद सोनी, खिलौना व्यापारी पंजू गिरी गोस्वामी और डीएसपी पूजा पांडे के जीजा वीरेंद्र दीक्षित शामिल हैं।

वीरेंद्र दीक्षित जबलपुर में मेडिकल स्टोर चलाता है। SIT के मुताबिक, पूजा के कहने पर वह प्लान में शामिल हुआ। लूट की रकम को ठिकाने लगाने में उसकी भूमिका थी। मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिसकर्मियों ने की थी हवाला की रकम की बंदरबांट 8-9 अक्टूबर की दरमियानी रात महाराष्ट्र के व्यापारी सोहनलाल परमार के दो ड्राइवर सतना से 2.96 करोड़ रुपए लेकर जालना जा रहे थे। इसी बीच सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे के नेतृत्व में बंडोल थाना पुलिस ने उनकी कार नंबर MH13 EK 3430 को रोका। पुलिसकर्मी उन्हें जंगल में ले गए। पूछताछ की और सवा करोड़ रुपए वापस देकर ड्राइवरों को छोड़ दिया।

महाराष्ट्र पहुंचकर ड्राइवरों ने पूरी बात सोहनलाल को बताई। वे अगले दिन सिवनी पहुंचे तो पुलिस ने बिना एफआईआर उन्हें थाने में बैठाया। मारपीट की और धमकाकर छोड़ दिया। बाद में सोहनलाल ने कोतवाली में इसकी शिकायत की।

पुलिस ने जांच की तो पूजा ने हवाला की रकम को लूटने से इनकार कर दिया। डीआईजी ने जांच के आदेश दिए, इसमें पूरा मामला खुल गया।

25 लाख रुपए अभी भी गायब SIT और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 1 करोड़ 45 लाख रुपए आरोपी पुलिसकर्मियों से, 1 करोड़ 20 लाख रुपए हवाला कारोबारियों से बरामद किए जा चुके हैं। करीब 25 लाख रुपए अभी भी गायब हैं, जिन्हें बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।

आईजी प्रमोद वर्मा ने कहा है कि जांच में जिनके भी खिलाफ सबूत मिलेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी, चाहे वह पुलिस अधिकारी हों या कोई व्यापारी। विभाग की छवि खराब करने वालों को बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा।

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