वेनेजुएला के पास पकड़े गए तेल टैंकर पर सवार रूसी नागरिकों को छोड़ेगा अमेरिका, तीन भारतीयों का क्या होगा

मॉस्को: अमेरिका ने वेनेजुएला के पास उत्तरी अटलांटिक महासागर मे जब्त तेल टैंकर के चालक दल में शामिल रूसी नागरिकों को छोड़ने का ऐलान किया है। रूस ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया है। इस टैंकर पर दो रूसी नागरिक सवार हैं। वहीं, टैंकर के चालक दल में तीन भारतीय भी शामिल है, जिनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इस टैंकर पर 20 यूक्रेनी और छह जॉर्जियाई नागरिक भी सवार हैं। हालांकि, अमेरिका ने उनकी रिहाई को लेकर कुछ नही कहा है।

रूसी टैंकर के चालक दल में किन देशों के नागरिक

उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी तटरक्षक बल ने रूसी ध्वज वाले टैंकर मेरिनेरा (जिसे पहले बेला-1 के नाम से जाना जाता था) को बुधवार को जब्त कर लिया था। इस पर 17 यूक्रेनी नागरिक, छह जॉर्जियाई नागरिक, तीन भारतीय नागरिक और दो रूसी नागरिक सवार थे।” पहले अमेरिका ने कहा था कि इस टैंकर के चालक दल को हिरासत में लिया गया है और इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की योजना है।

रूस ने अमेरिका के फैसले पर क्या कहा

रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान में कहा, ”हमारे अनुरोध के जवाब में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तरी अटलांटिक में एक अभियान के दौरान अमेरिका द्वारा जब्त किये गए टैंकर मेरिनेरा के चालक दल के दो रूसी नागरिकों को रिहा करने का फैसला किया है।” मंत्रालय के टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में जखारोवा ने कहा, ”हम इस फैसले का स्वागत करते हैं और अमेरिकी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।”

रूस ने अपने नागरिकों की रिहाई का स्वागत किया

बयान में कहा गया, ”हम अपने देशवासियों की शीघ्र वतन वापसी सुनिश्चित करने से संबंधित सभी मुद्दों पर तत्काल और व्यावहारिक कार्य शुरू कर रहे हैं।” हालांकि, इसमें टैंकर पर सवार चालक दल के अन्य सदस्यों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। रूसी विदेश मंत्रालय की यह घोषणा मॉस्को द्वारा वाशिंगटन से समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता से संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील करने और उसकी ‘नव-उपनिवेशवादी’ प्रवृत्तियों को दृढ़ता से खारिज करने के एक दिन बाद आई है।

चालक दल के खिलाफ केस चलाएगा अमेरिका

व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास) ने टैंकर को जब्त किए जाने के बाद घोषणा की थी कि चालक दल के सदस्यों को अमेरिका की संघीय अदालत में पेश किया जाएगा। अमेरिकी सेना ने बेला-1 को जब्त कर लिया और बाद में इसका नियंत्रण कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सौंप दिया। ईरान समर्थित लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्ला से जुड़ी एक कंपनी के लिए माल की तस्करी करने के आरोप में इस जहाज पर 2024 में अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया था।

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