एयर इंडिया का बॉस होता दगाबाज तुर्की का यह आदमी, पाकिस्तान और अल कायदा से था ‘कनेक्शन’

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान हाल में जंग के मुहाने पर पहुंच गए थे। इस तनातनी में तुर्की ने खुलकर पाकिस्तान का साथ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन भी दिए थे जिनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया गया था। इस बीच सोशल मीडिया पर बॉयकॉट तुर्की कैंपेन चल रहा है। भारत और तुर्की के बीच खासकर एविएशन सेक्टर में काफी गहरे रिश्ते रहे हैं। कुछ साल पहले एयर इंडिया ने तुर्की के इल्कर अइसी को अपना सीईओ और एमडी नियुक्त किया था। लेकिन उन पर पाकिस्तान और अल कायदा से संबंध रखने के आरोप लगे थे। इस कारण उन्होंने यह पद ठुकरा दिया था।
अब टाटा ग्रुप का हिस्सा बन चुकी एयर इंडिया ने फरवरी 2022 में अपना सीईओ और एमडी नियुक्त किया था और उन्होंने उसी साल अप्रैल में यह पद संभालना था। उन्हें टर्किश एयरलाइन को संकट से उबारने का श्रेय दिया जाता है। वह 2015 से 2021 तक इस एयरलाइन के चीफ रहे। अइसी की एयर इंडिया के सीईओ की नियुक्ति पर एन चंद्रशेखरन ने कहा कि वह इल्कर विमानन उद्योग के लीडर हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान तुर्की एयरलाइंस का नेतृत्व किया और उसे खूब सफलताएं दिलाईं। वह एयर इंडिया को नए युग में ले जाएंगे।
क्या थे आरोप
लेकिन जल्दी ही अईसी आरोपों में घिर गए। अइसी को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन का करीबी माना जाता है। करीब दो दशक पहले वह एर्दोगन के एडवाइजर रहे थे। तब एर्दोगन इस्तांबुल के मेयर थे। नवंबर 2018 में जब अइसी की शादी हुई थी तो उसमें एर्दोगन ने भी शिरकत की थी। एक रिपोर्ट में अइसी और अल कायदा के एक कथित फाइनेंसर के बीच कनेक्शन का दावा किया गया था। उन पर पाकिस्तान और अल कायदा से संबंध होने के आरोप लगे थे।
इसके बाद खबर आई कि अइसी के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में केंद्रीय गृह मंत्रालय रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) से मदद ले सकता है। हालांकि अधिकारियों का कहना था कि यह नियमित प्रक्रिया है जब किसी विदेशी नागरिक को किसी भारतीय कंपनी का सीईओ नियुक्त किया जाता है तो ऐसी जांच होती ही है। एर्दोगन ने कश्मीर मुद्दे पर हमेशा पाकिस्तान का समर्थन किया है। वह कई बार कह चुके हैं कि कश्मीर मामले पर तुर्की हमेशा पाकिस्तान का साथ देगा।
क्यों किया किनारा
इस बीच 1 मार्च 2022 के अइसी ने खुद ही एयर इंडिया का बॉस बनने से इन्कार कर दिया। अइसी ने कहा कि भारतीय मीडिया में उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए जा रहे थे। अइसी ने कहा, ‘मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि इस तरह के माहौल में इस ऑफर को स्वीकार करना सही फैसला होगा। टाटा ग्रुप ने फरवरी में मेरी नियुक्ति की घोषणा की थी और मुझे एक अप्रैल से पद संभालना था। मैंने भारी मन से यह फैसला किया है। मैं एयर इंडिया और टाटा ग्रुप को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।’





