स्ट्रीट-डॉग के हमले रोकने के लिए हर-सोसायटी में बनेंगे फीडिंग-पॉइंट

भोपाल में स्ट्रीट डॉग के हमलों को रोकने के लिए शहर की हर सोसायटी में डॉग के फीडिंग (खाने की जगह) पॉइंट बनाए जाएंगे। इतना ही नहीं, जगह के साथ खाने का समय भी तय किया जाएगा। सोसायटी इसका रिकॉर्ड भी रखेगी।
जो लोग डॉग को खाना खिलाना चाहते हैं, वे वहां जाकर तय समय पर खाना रखेंगे। इससे डॉग इधर-उधर घूमने की बजाय एक ही जगह पर रहेंगे। इससे लोगों पर हमले की आशंका कम होगी। इस संबंध में अपर आयुक्त ने सभी एएचओ को निर्देश जारी कर दिए हैं।
डॉग के हमलों को रोकने के लिए एनीमल बर्थ कंट्रोल रूल 2023 के रूल 20 के अनुसार कॉलोनियों और आसपास के इलाकों में लोगों की सहमति से फीडिंग पॉइंट तय करना होगा। इसके लिए एएचओ अपने क्षेत्र के रहवासियों के साथ मीटिंग करेंगे।
इसमें पेट लवर भी शामिल होंगे। फीडिंग पॉइंट बनाते समय यह ध्यान देना होगा कि वहां बच्चों की आवाजाही बिल्कुल भी न हो। इसी तरह की अन्य बातों का ध्यान रखते हुए फीडिंग पॉइंट और खाना देने का समय निर्धारित करना होगा।
डॉग्स की संख्या और आपसी सहमति से निर्धारित होंगे पॉइंट
- निवासी कल्याण संघ, अपार्टमेंट मालिक संघ, या स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने परिसर में या आसपास रहने वाले सामुदायिक पशुओं की देखभाल और भोजन की व्यवस्था करें।
- डॉग्स की संख्या और संबंधित क्षेत्रों के लोगों की आपसी सहमति से खाने का स्थान निर्धारित करना होगा। यह स्थान बच्चों के खेल के मैदानों, प्रवेश और निकास बिंदुओं या ऐसे क्षेत्र में होनी चाहिए जहां बच्चों और वरिष्ठ लोगों का आना-जाना कम हो।
- यह पॉइंट किसी भी स्कूल और अस्पतालों के आसपास नहीं होंगे।
- फीडर सुनिश्चित करेगा कि भोजन के स्थान पर कोई गंदगी न हो या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन या उस क्षेत्र द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का उल्लंघन न हो।
- फीडरों को पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम में सहायता के लिए डॉग के टीकाकरण, पकड़ने और छोड़ने के लिए काम करने की अनुमति है।
- सभी प्रतिनिधियों को सामुदायिक पशुओं का एक रजिस्टर रखना होगा। इसमें डॉग की जनसंख्या, नसबंदी की स्थिति, रैबीज रोधी टीकाकरण रिकॉर्ड, और भोजन देने वालों या देखभाल करने वालों की पहचान का रिकॉर्ड दर्ज करना होगा।
यह फायदा होगा नगर निगम के वेटनरी डॉक्टर पीपी सिंह ने बताया कि डॉग को लोगों से दूर रखा जा सकेगा। डॉग खाने के लिए यहां-वहां भटकते हैं। खाना नहीं मिलने की स्थिति में वे हिंसक हो जाते हैं। एक जगह और समय पर खाना मिलने से डॉग एक ही जगह रहेंगे। इसके साथ ही वैक्सीनेशन के लिए उन्हें पकड़ने में आसानी होगी। सभी सोसायटी में रिकॉर्ड दर्ज होने से शहर में डॉग की गिनती भी आसान होगी।





