थाने आने वालों के साथ अच्छा व्यवहार और आचरण रखें:डीजीपी का एमपी पुलिस को संदेश- पीड़ितों के प्रति संवेदनशील रहें, आमजन का विश्वास जीतें

डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा है कि पुलिस थाना गृह विभाग की मूलभूत इकाई है। यहां बड़ी संख्या में आमजन का दिन-प्रतिदिन आना जाना और पुलिस से सम्पर्क होता है। इसलिए थाना स्टाफ की जिम्मेदारी है कि अपने उत्तम चरित्र एवं आचरण का प्रदर्शन करें। थाने आने वाले पीड़ितों एवं आवेदकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए। साइबर फ्रॉड के नए तरीकों को दृष्टिगत रखते हुए Capacity Building समय की आवश्यकता है।
नववर्ष 2026 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा पुलिसकर्मियों के लिए शुभकामना संदेश जारी किया गया। इस दौरान कहा गया कि यह शुभकामना संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस के लिए आत्ममंथन, सम्मान और भविष्य की कार्ययोजना का स्पष्ट दस्तावेज है। यह संदेश उस सामूहिक परिश्रम की सार्वजनिक स्वीकृति है, जिसके बल पर वर्ष 2025 मध्यप्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों का वर्ष बना।
2025 की उपलब्धियां बताईं
पुलिस महानिदेशक ने अपने संदेश में वर्ष 2025 को टीमवर्क, नवाचार और संवेदनशील पुलिसिंग का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने, डायल-112 क्रियान्वयन, रिक्त पदों की पूर्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया, जनसुनवाई, ई-आफिस, नारकोटिक्स ड्रग्स के विरुद्ध "नशे से दूरी है जरूरी" जागरूकता अभियान को सफलता मिली है।
साथ ही साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए सेफ क्लिक जागरूकता अभियान, पुलिस कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं फिटनेस के लिए हार्टफुलनेस संस्था से एम.ओ.यू., 1" Change Maker Award, e-HRMS प्रारंभ करने के लिए सार्थक प्रयास, एक लाख से अधिक की साइबर फ्रॉड शिकायतों में ई-जीरो एफआईआर, कार्यप्रणाली में सुधार के लिए लंबी अवधि से एक ही थाने में पदस्थ 11,000 से अधिक पुलिस कर्मियों के एक सप्ताह में स्थानांतरण आदि महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।
रिकॉर्ड संख्या में हजारों गुम अवयस्क बालिकाओं को मध्यप्रदेश पुलिस ने विशेष प्रयासों से खोजा है। पुलिस महानिदेशक ने संदेश में लिखा है कि सभी महत्वपूर्ण अपराधों में त्वरित पतासाजी, गिरफ्तारी, त्यौहारों के शांतिपूर्ण आयोजन में परिश्रम किया है। अच्छे कार्यों के करने पर मनोबल बढ़ाने के लिए मेरे स्तर से तत्काल संज्ञान लेते हुए बड़ी संख्या में त्वरित एवं उचित इनाम भी दिए गए हैं।
2026 की अपेक्षाओं को गिनाया
वर्ष 2026 में अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए मकवाणा ने कहा कि यातायात दुर्घटनाओं पर नियंत्रण एवं सड़क सुरक्षा के लिए नव वर्ष में योजनाबद्ध तरीके से और सक्रियता जरूरी है। साइबर फ्रॉड के नए तरीकों को दृष्टिगत रखते हुए Capacity Building समय की आवश्यकता है। Basic Policing के साथ ही नई तकनीकी, AI का उपयोग, मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध और अधिक कड़ी कार्रवाई, सोशल मीडिया में तथ्यों की त्वरित प्रस्तुति और पुलिस के अच्छे कार्य प्रचारित किए जाना चाहिए। सिंहस्थ 2028 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन के लिए तैयारियों में और तेजी लाई जाए।
डीजीपी ने अपेक्षा की है कि पुलिस थाना विभाग की मूलभूत इकाई है, जहां बड़ी संख्या में आमजनों का दिन-प्रतिदिन पुलिस से सम्पर्क होता है। थाना स्टाफ द्वारा उत्तम चरित्र एवं आचरण का प्रदर्शन, पीड़ितों एवं आवेदकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं त्वरित कार्रवाई की जाए। आमजन की सहभागिता एवं उनका विश्वास अर्जित करना भी हमारा ध्येय होना चाहिए।
महिलाओं एवं बच्चों के प्रति भी संवेदनशीलता बरतते हुए उनके विरुद्ध घटित अपराधों में तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए।





