ट्रंप सब जानते हैं; भारत-अमेरिका ट्रेड डील में क्या एलन मस्क के साथ हो गया खेल?

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील में हेवी इंजन वाली गाड़ियों को भी ड्यूटी में छूट दी गई है। इस समझौते के तहत, भारत अमेरिकी हार्ले-डेविडसन (Harley-Davidson) बाइक्स पर लगने वाले टैक्स को पूरी तरह खत्म कर देगा। यानी अब ये महंगी बाइक्स बिना किसी अतिरिक्त टैक्स के भारत में बिक सकेंगी। वहीं, अमेरिका से आने वाली महंगी कारों पर भी टैक्स कम होगा। पहले इन कारों पर 110% तक टैक्स लगता था, जो अब घटकर 30% हो जाएगा। यह टैक्स धीरे-धीरे 10 सालों में 30% तक पहुंचेगा।लेकिन, इस समझौते में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए कोई खास राहत नहीं मिली है। इसका मतलब है कि टेस्ला (Tesla) जैसी इलेक्ट्रिक कारें बनाने वाली कंपनियों को अभी भी भारत में ऊंचे टैक्स का सामना करना पड़ेगा। टेस्ला के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने भारत के ऊंचे टैक्स को लेकर पहले भी चिंता जताई थी। यह फैसला टेस्ला के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वे भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारें कम टैक्स पर बेचना चाहते थे। टेस्ला कारों की भारत में बिक्री पिछले साल ही शुरू हो गई थी। कंपनी ने मुंबई में अपना पहला ऑफिस खोला था।
ट्रंप के करीबी रहे हैं मस्क
दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काफी करीबी रहे हैं। पिछले साल चुनाव के दौरान भी मस्क ने ट्रंप को भारी-भरकम चंदा दिया था बल्कि उनके लिए प्रचार भी किया था। ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद मस्क को अक्सर व्हाइट हाउस में देखा जाता था।
चुनाव जीतने के बाद ट्रंप ने अमेरिकी सरकार के खर्च को कम करने और नौकरियों में कटौती करने के लिए डॉज (DOGE) नाम से सरकारी दक्षता विभाग बनाया था। मस्क को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मस्क को इसके लिए दुनियाभर में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उनकी कंपनी टेस्ला की बिक्री घट गई और शेयर धड़ाम हो गए थे। ट्रंप उस समय भी मस्क की मदद के लिए आगे आए और उन्होंने नई टेस्ला खरीदकर दुनिया को संदेश दिया कि वे भी टेस्ला खरीदें।
बढ़ गई दोनों के बीच दूरी
- ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनकी मस्क के साथ दोस्ती लंबे समय तक नहीं चली। टेस्ला की कम बिक्री के कारण मस्क को नुकसान हो रहा था। अंत में उन्होंने डॉज को छोड़ने का निर्णय लिया।
- उसी दौरान ट्रंप अमेरिका में टैक्स और खर्च पर नया विधेयक लाए। मस्क ने इस विधेयक की आलोचना की, जो ट्रंप को पसंद नहीं आई।
- पिछले साल मई-जून में दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। अंत में दोनों के बीच बड़ी दूरी आ गई।
- मीडिया में इस तरह की भी खबरें आई थीं कि ट्रंप अपनी टेस्ला की वह कार बेचने पर विचार कर रहे हैं जिसे उन्होंने तब खरीदा था जब वह मस्क को उनकी कंपनी को बढ़ावा देने में मदद करने की कोशिश कर रहे थे।
गाड़ियों को लेकर है समझौता
- भारत और अमेरिका के इस नए समझौते में पारंपरिक इंजन वाली कारों, जिनकी इंजन क्षमता 3,000 सीसी से ज्यादा है, उन पर टैक्स धीरे-धीरे कम किया जाएगा।
- भारत सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि यह टैक्स 10 सालों में 30% तक हो जाएगा।
- इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इस समझौते से बाहर रखा गया है। यह बात भारत के रुख को यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए समझौते से अलग बनाती है।
- यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते में भारत ने कई तरह की गाड़ियों पर टैक्स कम करने की बात मानी थी, जिसमें कुछ इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी शामिल थीं। वहां टैक्स 10% तक कम हो सकता था।
भारत कारों का बड़ा बाजार
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है। अमेरिका और चीन के बाद भारत का नंबर आता है। भारत अपनी घरेलू ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को बचाने के लिए हमेशा से ही आयातित गाड़ियों पर भारी टैक्स लगाता रहा है। यह टैक्स 70% से 110% तक होता है। फिलहाल, भारत अमेरिका से बहुत कम कारें आयात करता है। हालांकि, हार्ले-डेविडसन जैसी महंगी मोटरसाइकिलें भारत में आती हैं और अब इन पर भी टैक्स कम हो जाएगा। अन्य प्रीमियम मोटरसाइकिलें भी इस टैक्स कटौती का फायदा उठा सकेंगी





