ट्रंप के टैरिफ का दिखा असर, अमेरिका को भारत के निर्यात में गिरावट, चीन ने दिया सहारा

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का इम्पैक्ट दिखाई दिया है। जनवरी में अमेरिका को भारत के वस्तु निर्यात में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, कुल एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह डायवर्सिफिकेशन है। जनवरी में भारत का वस्तु निर्यात 0.61% बढ़कर 36.56 अरब डॉलर हो गया। वहीं, आयात 19.2% की बढ़त के साथ 71.24 अरब डॉलर पर पहुंचा। इससे देश के व्यापार घाटे में बढ़ोतरी हुई। यह बढ़कर 34.68 अरब डॉलर हो गया। यह बढ़ोतरी वस्तुओं और सेवाओं दोनों में देखी गई। अमेरिका की ओर से लगाए गए ऊंचे टैरिफ के बीच जनवरी में अमेरिका को भारत का वस्तु निर्यात 21.77 फीसदी घटकर 6.6 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। चालू वित्तीय वर्ष में कुल निर्यात 860 अरब डॉलर को पार करने की उम्मीद है। अप्रैल से जनवरी की अवधि में निर्यात 2.22% बढ़कर 366.63 अरब डॉलर हो गया।
अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाया था। 7 फरवरी से अमेरिका ने 25% एक्स्ट्रा टैरिफ हटा दिए हैं। रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% किए जाने हैं। इससे भारत के निर्यात क्षेत्रीय साथियों के बीच प्रतिस्पर्धी स्थिति में आ गए हैं।
चीन को एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी
चीन को निर्यात जनवरी में 55.65% बढ़कर 1.63 अरब डॉलर हो गया, जबकि चीन से आयात 16.67% बढ़कर 12.23 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल-जनवरी अवधि में चीन को निर्यात 38.37% बढ़कर 15.88 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 13.82% बढ़कर 108.18 अरब डॉलर हो गया।
आंकड़ों से क्या मिलता है संकेत?
आयात पक्ष पर रूस, इराक, कोरिया, जर्मनी, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से इनफ्लो में गिरावट आई। वहीं, यूएई, सऊदी अरब, स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, जापान और इंडोनेशिया से आयात बढ़ा। भारत मुख्य रूप से स्विट्जरलैंड से सोना आयात करता है। इस देश से खरीद जनवरी में 836.85% बढ़कर 3.95 अरब डॉलर हो गई।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, जनवरी 2026 के ताजा व्यापार आंकड़े भारत के निर्यात प्रदर्शन पर अमेरिकी टैरिफ के असर को दिखाते हैं। साथ ही अन्य बाजारों में डायवर्सिफिकेशन के शुरुआती संकेत भी देते हैं।





