रातापानी टाइगर रिजर्व के लिए दो नए गेट मिलेंगे:घोड़ापछाड़ और करमई से पर्यटकों को मिलेगी एंट्री; देलावाड़ी, भिंडीधाट और झिरी पहले से

रातापानी टाइगर रिज़र्व में अब भोपाल के करमई और घोड़ापछाड़ से दो नए सफारी गेट खोले जा रहे हैं। वन विभाग ने 2 दिसंबर से इन दोनों गेटों को पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। इन नए गेटों के खुलने से बाघों की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में एंट्री मिलेगी और पर्यटकों को बाघ दिखने की संभावना बढ़ जाएगी।
यह व्यवस्था इसलिए तय की जा रही है क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों में टाइगर मूवमेंट पिछले सालों में अधिक पाया गया है।
वन विभाग को यहां लगातार बाघ, तेंदुआ और भालू की मूवमेंट, कैमरा ट्रैप रिकॉर्ड और पगमार्क के साक्ष्य मिलते रहे हैं। करमई और घोड़ापछाड़ का इलाका अब तक बंद होने के कारण कम मानव गतिविधि वाला रहा है। इससे यहां वन्यजीवों की उपस्थिति सघन पाई जाती है।
नए गेट खुलने से बदलेंगे सफारी रूट
वन अफसरों के अनुसार रातापानी टाइगर रिजर्व में पहले से तीन गेट देलावाड़ी, भिंडी घाट और झिरी हैं और अब दो नए गेट और जुड़ जाएंगे। करमई गेट के आस-पास बाघों के स्थायी क्षेत्र (टेरिटरी) है।
वहीं घोड़ा पछाड़ के पास का जंगल घना, शांत और बड़े वन्यजीवों की आवाजाही वाला है। नए गेट से सफारी का दायरा बढ़कर पहले से लगभग दोगुना हो जाएगा।
भोपाल से रातापानी के गेट्स की दूरी
न्यू मार्केट (भोपाल) से सफारी के पांचों गेटों की अनुमानित दूरी- देलावाड़ी गेट 49 किमी, भिंडी गेट 26 किमी, झिरी गेट 49 किमी, नया करमई गेट 45–50 किमी तथा घोड़ा पछाड़ गेट 60 किमी होगी। इससे लोग अपनी सुविधा के हिसाब से आ-जा सकेंगे।





