UPI लाइट, वॉलेट से पेमेंट… यूजर्स को क्यों नहीं भा रहे यूपीआई के नए फीचर? जानें कहां आ रही है दिक्कत

नई दिल्ली: क्या यूपीआई के नए फीचर्स वाकई काम कर रहे हैं? हाल के आंकड़े बताते हैं कि कई नए फीचर्स का उपयोग बहुत कम हो रहा है। इससे सवाल उठते हैं कि आखिर क्यों ये फीचर्स लोगों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

दरअसल, पिछले कुछ सालों में नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने कई नए फीचर्स उतारे हैं। इनमें यूपीआई लाइट, वॉलेट से पेमेंट, यूपीआई से होने वाले रेकरिंग पेमेंट, RuPay क्रेडिट कार्ड से यूपीआई और यूपीआई सर्कल शामिल हैं। इन सबका मकसद छोटे-मोटे ट्रांजैक्शन से बैंकिंग सिस्टम का बोझ कम करना और नेटवर्क को और तेज बनाना है। लेकिन, सिर्फ रिकरिंग पेमेंट्स और क्रेडिट कार्ड से यूपीआई में ही काफी ग्रोथ देखने को मिली है। बाकी फीचर्स ज्यादा पॉपुलर नहीं हो पाए हैं।

एक प्राइवेट बैंक के एक सीनियर बैंकर ने बताया कि वॉलेट-बेस्ड यूपीआई पेमेंट और यूपीआई लाइट से हर महीने करीब 10 करोड़ ट्रांजैक्शन होते हैं। ये ग्रोथ मेन UPI प्लैटफॉर्म के मुकाबले काफी धीमी है।

क्या है इन फीचर्स का फायदा?

इकॉनमिक टाइम्स के जुटाए डेटा के मुताबिक अप्रैल में करीब 12 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन मोबाइल वॉलेट या प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPIs) से हुए। इनकी कुल वैल्यू करीब 4,000 करोड रुपये थी।

वॉलेट-बेस्ड UPI पेमेंट से ग्राहकों को यह फायदा होता है कि वे अपने मोबाइल वॉलेट से पेमेंट कर सकते हैं। इससे उनके बैंक स्टेटमेंट में ढेर सारी छोटी एंट्रीज नहीं आतीं। दूसरे बैंकर ने कहा, ये शुरुआती दिन हैं। एक बार जब मर्चेंट पेमेंट (दुकानदारों को भुगतान) और क्रेडिट फीचर्स को इसमें जोड़ा जाएगा, तो ट्रांजैक्शन की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी।

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