अमेरिका ने जो किया, वही हमने किया… कतर पर हमले के बाद बोले नेतन्याहू, इजरायल की आलोचना करने वाले शर्म करें

तेल अवीव: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कतर पर अपने हमले को जायज करार दिया है। उन्होंने साफ कहा कि कतर में हमास को पनाह मिलेगी तो फिर इजरायल के पास हमले का ही रास्ता होगा। हमले के लिए इजरायल की आलोचना करने वाले देशों के रुख पर नेतन्याहू ने सवाल उठाया है। इजरायली पीएम ने कहा कि अमेरिका ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान में जाकर अपने दुश्मन को मारा। अमेरिका के कदम की दुनिया ने तारीफ की। अब वही देश इजरायल की निंदा कर रहे हैं।
बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार शाम कहा, ’11 सितंबर के आतंकी हमले के दो हफ्ते बाद ही अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें कहा गया कि किसी भी देश की सरकारें आतंकियों को पनाह नहीं दे सकतीं। इसके बाद अमेरिका ने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को ढूंढ़कर मारा।’
‘हमने अमेरिका की तरह किया’
बेंजामिन नेतन्याहू ने आगे कहा, ‘हमने कतर में हमला अमेरिका की तर्ज पर किया है। हमने 7 अक्टूबर के नरसंहार को अंजाम देने वालों पर कार्रवाई की। हमने कतर में ऐसा किया क्योंकि वह आतंकियों को पनाह देता है। कतर से हमास को जमकर फंडिंग मिलती है। वहां हमास के लोगों को आलीशान बंगले दिए जाते हैं और सारी सुविधाए मुहैया होती हैं।’
कतर जैसे देशों को चेतावनी
बेंजामिन नेतन्याहू ने इस दौरान कतर को चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि मैं कतर और उन सभी देशों से कहता हूं, जो आतंकवादियों को पनाह देते हैं। वह देश या तो उन्हें खदेड़ दो या फिर उनको न्याय के कटघरे में खड़ा करें। क्योंकि अगर तुम ऐसा नहीं करोगे तो फिर हम वही काम करेंगे।
कतर की राजधानी दोहा में इजरायल ने मंगलवार को हमला किया था। इजरायल का कहना है कि ये हवाई हमले हमास के नेताओं को निशाना बनाकर किए गए। इन हमलों पर अरब देशों ने कड़ी नाराजगी जताई है। अरब और दुनिया के कई देशों ने इजरायल के इन हमलों की कड़ी निंदा की है।





