हमारे पास 500 और चीन के पास 5,000, कैसे होगा बेड़ा पार… वेदांता के अनिल अग्रवाल किस बात से हैं परेशान

नई दिल्ली: मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने देश में शिपिंग इंडस्ट्री की हालत पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि भारत के शिपिंग उद्योग में तुरंत सुधार करने की जरूरत है। भारत समुद्री व्यापार में चीन से बहुत पीछे रह गया है। आज अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पूरी तरह चीनी जहाजों का दबदबा है। दुनिया के 98% व्यापारिक जहाजों को या तो चीनी कंपनियां चलाती हैं या वे चीन में बने जहाजों का इस्तेमाल करती हैं। अमेरिका अब चीन की शिपिंग कंपनियों और वहां बने जहाजों से ज्यादा फीस वसूलने की तैयारी में है। इसके लिए उसने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इससे भारत का व्यापार भी प्रभावित हो सकता है। इसकी वजह यह है कि पिछले साल दुनिया में जितने भी जहाजों की आपूर्ति की गई, उनमें से आधे चीन में बने थे। दुनिया की 20 सबसे बड़ी शिपिंग कंपनियों के बेड़े में 30% जहाज मेड इन चाइना हैं।

अनिल अग्रवाल ने X पर लिखा, ‘क्या आप जानते हैं कि चीन के पास 5,000 से ज्यादा बड़े कमर्शियल जहाज हैं जबकि भारत के पास 500 से भी कम हैं? अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर चीनी जहाजों का दबदबा है। दुनिया के 98% व्यापारिक जहाजों को या तो चीनी कंपनियां चलाती हैं या वे चीन में बने जहाजों का इस्तेमाल करती हैं। भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है और उसका समृद्ध समुद्री इतिहास रहा है। शिपिंग इंडस्ट्री को रिवाइव करने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा।’

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