जिमी कार्टर और रोनाल्ड रीगन जो नहीं कर पाए, ट्रंप ने कर दिखाया, ईरान के ‘दिल’ पर वार कर रचा इतिहास, वीडियो

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि सेंट्रल कमांड ने ईरान के सबसे बड़े तेल टर्मिनल खर्ग आईलैंड पर भीषण हमला किया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, कुछ ही देर पहले मेरे निर्देश पर US सेंट्रल कमांड ने मध्य पूर्व के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी में से एक को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि हमले ने ईरान के ताज का गहना कहे जाने वाले खर्ग द्वीप पर मौजूद हर लक्ष्य को तबाह कर दिया।

जिमी कार्टर भी नहीं कर पाए थे हमला

इसके साथ ही ट्रंप ईरान के खर्ग द्वीप पर हमले का आदेश देने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए हैं। यहां तक कि 1979 के बंधक संकट के दौरान भी इस द्वीप पर हमला नहीं किया गया था। 1979 में इस्लामिक क्रांति के दौरान तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास के कर्मियों को बंधक बना लिया था। दो साल तक चले बंधक संकट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए, लेकिन इस द्वीप पर हमले का आदेश देने से दूरी बनाए रखी।

रीगन ने भी खर्ग को नहीं छुआ

इसके बाद 1980 के दशक में ईरान और इराक के बीच युद्ध शुरू हो गया। इस दौरान कार्टर के उत्तराधिकारी रोनाल्ड रीगन ने अमेरिकी सेना को क्षेत्र उतारा, जिसने ईरानी जहाजों और मिसाइल बैटरियों को निशाना बनाया। लेकिन रीगन ने भी अपने पूर्ववर्ती की तरह ही खर्ग को अछूता छोड़ दिया।रॉयटर्स ने 9 मार्च को जेपी मॉर्गन के एक नोट के हवाले से बताया कि आठ साल के युद्ध के दौरान इराकी सेनाओं ने खर्ग के कुछ टर्मिनलों और टैंकरों पर हमले किए, लेकिन यह ज्यादातर चालू हालत में रहा। हमलों के दौरान हुए नुकसान की मरम्मत जल्दी कर ली जाती थी।

खर्ग को कहा जाता है ईरान का दिल

  • ईरान के मुख्य तट से लगभग 28 किमी की दूरी पर स्थित खर्ग आईलैंड देश का सबसे बड़ा तेल टर्मिनल है।
  • यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से देश के पूरे तेल निर्यात का लगभग 90 फीसदी गुजरता है।
  • इसकी खासियत द्वीप का गहरा तट है, जहां एक साथ कई सुपरटैंकर डॉक होते हैं और तेल लोड करके निर्यात के लिए निकलते हैं।

ट्रंप की खर्ग पर दोबारा हमले की धमकी

हालांकि, ट्रंप ने कहा है कि हमले द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थे और तेल ढांचे को इससे दूर रखा गया था। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट डालता हैं, तो वह इन प्रतिष्ठानों पर हमला कर देंगे। ट्रंप ने कहा, मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखते हुए मैंने द्वीप पर मौजूद तेल के बुनियादी ढांचे को तबाह न करने का फैसला किया है। अगर ईरान या कोई और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के स्वतंत्र और सुरक्षित गुजरने में रुकावट डालता है, तो मैं तुरंत अपने फैसले पर दोबारा विचार करूंगा।

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