अयोध्या जाने के सवाल पर दिग्विजय बोले- अहं ब्रह्मस्मि:कहा- कहीं जाने की आवश्यकता नहीं

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह से पूछा, आपने राम मंदिर के लिए चंदा दिया था। आप इसका कई बार जिक्र भी कर चुके हैं। लेकिन आप राम मंदिर दर्शन के लिए कब जा रहे हैं?

दिग्विजय बोले- मैं अब आदि शंकराचार्य जी के अद्वैत वेदांत का अध्ययन कर रहा हूं। और 25 जनवरी को उज्जैन संस्कृत यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर का यहां प्रवचन कराऊंगा।

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अद्वैत वेदांत क्या है? अहं ब्रह्मास्मि, मेरे में ही ब्रह्म है। इसलिए मुझे कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है। मेरे ह्रदय में ही नारायण विराजमान हैं।

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सांसद ने कहा- दिग्विजय सनातन समाज से माफी मांगें भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम हम सबके आदर्श और श्रृद्धा के केन्द्र हैं। मैं दिग्विजय सिंह से पूछना चाहता हूं अगर अयोध्या में राम मंदिर नहीं जाओगे तो क्या दिल्ली की जामा मस्जिद में जाओगे? क्या मक्का-मदीना में जाओगे।

राम मंदिर के लिए दिग्विजय ने दिया था चंदा जनवरी 2021 में दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 1,11,111 रुपए का चेक भेजा था। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को एक पत्र भी लिखा था।

दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में अपील की थी कि राम मंदिर के नाम पर चंदा संग्रह सौहार्दपूर्ण और पारदर्शी माहौल में किया जाए, ताकि समाज में किसी भी प्रकार का तनाव या विभाजन न हो। आस्था के इस विषय में सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।

दिग्विजय ने चंदे का हिसाब भी मांगा था दिग्विजय सिंह ने पत्र के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद द्वारा पूर्व में एकत्र किए गए चंदे का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई थी। उन्होंने कहा था कि चंदे की पारदर्शिता से लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।

दिग्विजय सिंह का यह कदम उस समय चर्चा में रहा था, जब देशभर में राम मंदिर निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर चंदा अभियान चलाया जा रहा था। उनके इस निर्णय को उन्होंने आस्था के सम्मान के साथ-साथ जवाबदेही और पारदर्शिता से जोड़कर बताया था।

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