जब पिता सुनील लहरी के तलाक पर बोले थे कृष पाठक, बताया क्या झेली थीं मुश्किलें और कैसा है उनके साथ रिश्ता

सुनील लहरी, रामानंद सागर के टीवी सीरियल ‘रामायण’ में लक्ष्मण के किरदार से घर-घर मशहूर हो गए थे। 38 साल पहले निभाया यह किरदार सुनील लहरी के साथ ऐसा जुड़ा कि असल जिंदगी में भी लोग उन्हें ‘लक्ष्मण’ के नाम से ही बुलाने लगे। सुनील ने हमेशा अपने करियर के बारे में तो बात की, पर निजी जिंदगी को सीक्रेट रखा। सुनील लहरी ने दो बार शादी की थी, पर दोनों बार ही तलाक हो गया। अब हाल ही जब बेटे कृष पाठक ने 4 साल बड़ी सारा खान से शादी की, तो सुनील लहरी सुर्खियां बटोरने लगे। चर्चा होने लगी कि सुनील लहरी शादी में शामिल नहीं हुए। ऐसा इसलिए क्योंकि वह बेटे कृष की शादी या निकाह की किसी रस्म में नजर नहीं आए। और तो और अभी तक भी उन्होंने सोशल मीडिया पर बेटे की शादी को लेकर पोस्ट नहीं किया था। कृष ने एक बार पिता सुनील संग अपने रिश्ते और उनके तलाक के बारे में दिल खोलकर बात की थी। कृष ने बताया था कि कैसे मां ने उन्हें अकेले पाला।

सुनील लहरी के बेटे कृष पाठक ने 6 अक्टूबर को सारा खान के साथ कोर्ट मैरिज की थी। इसके बाद उन्होंने 6 दिसंबर को हिंदू और मुस्लिम दोनों रीति-रिवाजों से शादी की। पहले सात फेरे लिए और फिर निकाह किया था। हालांकि, तभी से दोनों लोगों के निशाने पर हैं और इंटरफेथ मैरिज के लिए यूजर्स कृष पाठक और सारा को खूब सुना रहे हैं। सुनील लहरी भी जब बेटे की शादी में नहीं दिखे, तो इसी तरह की बातें होने लगीं कि वह बेटे की इस इंटरफेथ मैरिज से खफा हैं। हालांकि, सच क्या है, कोई नहीं जानता।

पिता सुनील लहरी के तलाक पर यह बोले थे कृष पाठक

सुनील लहरी ने आज तक कभी अपनी निजी जिंदगी, दो शादियों और तलाक के बारे में कुछ बात नहीं की, पर बेटे कृष ने जरूर बात की थी। सुनील लहरी ने पहली शादी राधा सेन से की थी। कुछ समय बाद उनका तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने भारती पाठक से शादी की थी। शादी के बाद वह बेटे कृष के पिता बने। लेकिन जब कृष 9 महीने के थे, तभी उनके पैरेंट्स सुनील लहरी और भारती पाठक का तलाक हो गया था। भारती ने तब कृष को अकेले पाला।

9 महीने के थे कृष, मां भारती ने अकेले पाला, उनके स्ट्रगल को करीब से देखा

इस बारे में कृष पाठक ने साल 2022 में हमारे सहयोगी ‘ईटाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में बात की थी। एक सिंगल मदर द्वारा पाले जाने और पिता के तलाक पर उनका दर्द छलक उठा था। कृष ने कहा था, ‘मेरे पैरेंट्स का अलग होने का फैसला म्यूचुअल था। उन्होंने आपस में फैसला लिया था और मैं इसका सम्मान करता हूं। मैं मां के साथ पला-बढ़ा, जिन्होंने मुझे बिना शर्त प्यार और स्नेह दिया। जैसे-जैसे मैं बड़ा हुआ, मैंने मां के हर दिन के तनाव और स्ट्रगल को महसूस किया। शायद इसी वजह से मैं समय से पहले मैच्योर हो गया।’

‘दोस्तों को उनके पैरेंट्स संग देखता तो दुख होता था’

कृष ने फिर बताया था कि उन्हें पैरेंट्स के तलाक के बाद किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया था, ‘एक सिंगर मदर के साथ रहने से मैं और भी मजबूत बन गया। बचपन में दोस्तों को उनके पैरेंट्स के साथ मौज-मस्ती करते देखकर मुझे बुरा लगता था। हालांकि, धीरे-धीरे मैंने इस भावना से निपटना सीख लिया। मेरे पापा के साथ भी मेरा बहुत अच्छा रिश्ता है। मेरा मानना है कि बच्चों का पालन-पोषण सही तरीके से होना चाहिए, चाहे पैरेंट्स उन्हें पति-पत्नी के रूप में पालें या अकेले।’

‘मां ने कभी मुझे पापा से दूर रखने की कोशिश नहीं की’

कृष पाठक ने पिता सुनील लहरी के साथ अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए कहा था, ‘मेरी मां ने कभी भी मुझे मेरे पापा से दूर रखने की कोशिश नहीं की। मेरे पापा के साथ मेरा अच्छा रिश्ता है, और मुझे खुशी है कि मेरा पालन-पोषण सही तरीके से हुआ है। मैंने पापा से भी बहुत कुछ सीखा है।’

‘स्कूल बदलने पड़े, आधा समय पापा के साथ रहता और आधा मम्मी के साथ’

हालांकि, कृष को पढ़ाई के दौरान कई स्कूल बदलने पड़े थे। उसके स्ट्रगल को याद करते हुए कृष ने कहा था, ‘मुझे कई स्कूल बदलने पड़े, क्योंकि मैं आधा समय पापा के साथ और आधा समय मां के साथ रहता था। तो मेरा कोई दोस्तों का ग्रुप नहीं था, जो लंबे समय तक मेरे साथ रहे। लेकिन बड़े होने के बाद, मुझे एहसास हुआ कि मेरे अलग-अलग राज्यों में बहुत सारे दोस्त हैं।’

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