ट्रंप ने पेच कसा तो भारत से दुश्मनी भूला कनाडा, ट्रेड डील पर बातचीत शुरू करने को क्यों हुआ मजबूर?

ओटावा/नई दिल्ली: कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तान को लेकर भारत से संबंध काफी खराब कर लिए थे। उन्होंने भारत-कनाडा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत भी रोक दी थी। लेकिन भारत और कनाडा एक बार फिर व्यापार समझौते की तरफ आगे बढ़ते दिख रहे हैं। 2023 में ठप पड़ी बातचीत को दोनों देशों ने दोबारा शुरू करने की औपचारिक तैयारी कर ली है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक इंटरव्यू में इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि कनाडा ने भारत के साथ ट्रेड डील पर बातचीत फिर से शुरू कर दी है और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसका कद्र करते हैं।

दूसरी तरफ भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा है कि भारत और कनाडा जल्द ही Terms of Reference (ToR) पर चर्चा शुरू करेंगे। ये किसी भी व्यापार समझौते की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। कनाडा ने भारत के साथ कारोबार पर बातचीत उस समय शुरू की है, जब वो भी अमेरिकी टैरिफ की मार झेल रहा है। ऐसे में कनाडा, अमेरिका पर अपनी अत्यधिक निर्भरता कम करने के लिए भारत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के साथ कारोबार को बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है

भारत और कनाडा में ट्रेड डील पर फिर होगी बातचीत
दरअसल, कनाडा ने सिर्फ भारत के बढ़ते बाजार की वजह से अपनी रणनीति को नहीं बदला है, बल्कि इसके पीछे अमेरिका से मिल रहा आर्थिक दबाव है। डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले कनाडा के खिलाफ ही भारी भरकम टैरिफ लगाया था। ट्रंप ने कनाडा के उत्पादों पर 1 अगस्त 2025 से 35 प्रतिशत टैरिफ लगा दिए थे। इसके अलावा कनाडा के स्टील पर 4 जून 2025 से 50 प्रतिशत टैरिफ थोप दी थी और कनाडा के तांबा निर्यात पर 1 अगस्त 2025 से 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। इसी को लेकर कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि वो भारत, यूरोप, ब्रिटेन और एशिया के कुछ और देशों में व्यापारिक संभावना को बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।

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