1.20 करोड़ रुपए की डील कर RPSC सदस्य बना बाबूलाल कटारा कौन, ED की चार्जशीट में खुला राज

जयपुर: अप्रैल 2023 से जेल में बंद बाबूलाल कटारा पर प्रतियोगिता परीक्षाओं के कई पेपर लीक करने के आरोप हैं। मामले की जांच एसओजी के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी की। ईडी की चार्जशीट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चार्जशीट के मुताबिक राजस्थान लोकसेवा आयोग का सदस्य बनने के लिए बाबूलाल कटारा ने 1.20 करोड़ रुपए में डील की थी। यानी वह एक करोड़ से ज्यादा रुपए देकर आरपीएससी का सदस्य बना था और बाद में पेपर लीक करके अभ्यर्थियों से वसूली करने लगा।

यह लिखा है ईडी की चार्जशीट में

ईडी की चार्जशीट के मुताबिक बाबूलाल कटारा ने यह स्वीकार किया कि आरपीएससी सदस्य बनने के लिए उसने डूंगरपुर के तत्कालीन जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश खोड़निया से 1.20 करोड़ रुपए में डील की थी। डील के बाद जब कटारा को आरपीएससी का सदस्य नियुक्त किया गया तो बाद में खोड़निया के निकट सहयोगी अशोक जैन को दो बार में 40 लाख रुपए भी दिए थे। ईडी की ओर से चार्जशीट में दर्ज किए गए बयानों के अनुसार अशोक जैन को दी गई 40 लाख रुपए की रकम वही है जो कटारा ने अभ्यर्थियों से इंटरव्यू में चयन के बदले ली थी।

आरोप बेबुनियाद – खोड़निया

पेपर लीक मामले में ईडी ने कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया के ठिकानों पर भी सर्च की थी। सर्च के दौरान 24 लाख रुपए की नकदी भी जब्त की थी। अब इस मामले में कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया का नाम सामने आने के बाद उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी है। खोड़निया ने कहा कि बाबूलाल कटारा ने उनका नाम क्यों लिया। इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। खोड़निया का कहना है कि आरपीएससी सदस्य बनाने के लिए उन्होंने कटारा के नाम की सिफारिश नहीं की थी। जो रुपए ईडी ने जब्त किए थे, वे वापस रिलीज करा लिए गए हैं। वह मामला अब साफ हो चुका है कि उनका कटारा से कोई लेना देना नहीं था।

अप्रैल 2023 से जेल में बंद हैं कटाराबाबूलाल कटारा डूंगरपुर जिले का रहने वाला है। वह पहले सरकारी शिक्षक था। बाद में वे अर्थशास्त्र के व्याख्याता बन गए। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सिफारिश पर कटारा को अक्टूबर 2020 में आरपीएससी का सदस्य बनाया गया। अप्रैल 203 में पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी हुई। पहले वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने में नाम सामने आया और बाद में सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 में भी नाम सामने आया। साथ ही कई अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में अच्छे नंबर देने के बदले लाखों रुपए वसूलने की जानकारी भी सामने आई। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सदस्य पद से निलंबित कर दिया गया। गिरफ्तारी के बाद से अब तक वे जेल में ही है। हालांकि उन्हें अभी तक आरपीएससी के सदस्य पद से बर्खास्त नहीं किया जा सका है।

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