आयोजनों पर रोक क्यों नहीं, एसीएस ने नहीं दिया जवाब

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की भोपाल टीम ने गौहर महल को खराब हालत में घोषित किया है। रिपोर्ट में छत, फर्श और खिड़कियों समेत पूरे भवन में मरम्मत की जरूरत बताई गई है। यह रिपोर्ट सवा महीने पहले हस्तशिल्प विकास निगम को भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद यहां मेले और आयोजन हो रहे हैं।
गुरुवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री ने ‘परि बाजार’ मेले का शुभारंभ किया, जिसमें भारी भीड़ जुटी। एएसआई की 28 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट में बताया गया है कि महल हस्तशिल्प विकास निगम भोपाल व ग्वालियर के संरक्षण में है। अतिरिक्त मुख्य सचिव कैलाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि 15 दिसंबर की बैठक में बजट प्रस्ताव रखा जाएगा, लेकिन आयोजनों पर रोक पर कुछ नहीं बताया।
उधर, हस्तशिल्प विकास निगम के आयुक्त मदन विभीषण ने कहा – डीपीआर बन रही है। स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर इस पर काम करेगा। भीतर की तरफ इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
यह 5 बड़ी खामियां
- महल की बाहरी दीवारों की मरम्मत की आवश्यकता है।
- महल के दरवाजे, खिड़की, पिलर, सीलिंग पर खूबसूरत नक्काशी है, जो सागौन की लकड़ी पर बनी हुई है, लेकिन कई जगह से खराब हो चुकी है, जिन्हें बदलकर दूसरी लगाई जानी चाहिए।
- महल के कई भागों की छत को मरम्मत की जरूरत है, इनसे पानी रिस रहा है और सीलन आ रही है।
- महल का फर्श और आंगन भी खराब हो चुका है और इसकी भी मरम्मत की आवश्यकता बताई गई है। लाइट के वायर लटक रहे हैं।





