ट्रंप के टैरिफ के बाद चीन के निवेश पर बदलेगा मोदी सरकार का रुख? नियमों को लेकर कही बड़ी बात

नई दिल्ली: अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगा दिया है। चीन पर 54% टैरिफ लगाया गया है। माना जा रहा है कि इससे चीन की कंपनियां अपना सामान भारत और दूसरे एशियाई देशों में खपाने की कोशिश कर सकती हैं। साथ ही कुछ प्राइवेट कंपनियों ने सरकार से चीन से आने वाले निवेश के लिए नियमों को ढीला करने की गुजारिश की है। लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने साफ कर दिया है कि वह चीन की कंपनियों के लिए निवेश के नियमों को आसान नहीं करेगी। सरकार को डर है कि चीन से बहुत पैसा भारत आ सकता है। इसलिए सरकार और भी ज्यादा सतर्क हो गई है।सरकार ने 2020 में कोरोना महामारी के बाद निवेश के इन नियमों को सख्त कर दिया था। लद्दाख में चीन के साथ तनाव के बाद कई चीनी ऐप्स को बैन कर दिया गया था। चीन के लोगों को वीजा मिलने में भी दिक्कत हो रही थी। सरकारी खरीद में भी चीन पर कुछ रोक लगाई गई थी। अब कुछ एक्सपर्ट और जानकार कह रहे हैं कि चीन जैसे देशों के साथ मिलकर काम करने से भारत को फायदा हो सकता है। खासकर टेक्नोलॉजी के मामले में। उनका कहना है कि इससे भारत इस मुश्किल समय से बेहतर तरीके से निकल पाएगा। इसलिए FDI के नियमों को आसान बनाने की बात हो रही है।

सरकार का डर

कुछ प्राइवेट कंपनियों ने सरकार से निवेश के नियमों को थोड़ा ढीला करने का अनुरोध किया है। ये कंपनियां चाहती हैं कि सरकार FDI के नियमों पर फिर से विचार करे। लेकिन सरकार को कई चीजों की चिंता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि चीनी कंपनियों के मालिकाना हक को लेकर चीजें साफ नहीं हैं। सरकार को यह भी लगता है कि इन कंपनियों का चीन की सरकार और सेना के साथ बहुत करीबी रिश्ता है। इसके अलावा, चीन की अर्थव्यवस्था को नॉन-मार्केट इकॉनमी माना जाता है। इसका मतलब है कि चीन की सरकार कंपनियों को सब्सिडी देती है और उनके लोन माफ कर देती है। सरकार को लगता है कि यह सब गलत है और इससे भारतीय कंपनियों को नुकसान हो सकता है। इसलिए सरकार निवेश के नियमों को आसान करने से डर रही है।

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