200 किलो सोना खरीद सकते हैं यदि आपको एक ग्राम यह धातु मिल जाए तो

नई दिल्ली: वैसे तो सोना (Gold) को बेहद कीमती धातु माना जाता है। चाहे तो उसका जेवर बनवा कर पहनें या फिर घर में बिस्कुट या ईंट के रूप में रखें। आजकल तो लोग सोने में डिजिटल तरीके (Digital Gold) से भी निवेश करते है। आपको पता है कि इससे बहुत ज्यादा कीमती धातु भी दुनिया में है। यह यदि आपको एक ग्राम मिल जाए तो इसे बेच कर आप 200 किलो सोना खरीद सकते हैं।
क्या नाम है इस धातु का
इस धातु का नाम है कैलिफ़ोर्नियम (Californium)। इसकी कीमत का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि आप एक ग्राम कैलिफ़ोर्नियम बेचकर 200 किलो सोना खरीद सकते हैं। यह बात सुनकर आपको शायद एक पल के लिए हैरानी हो। लेकिन यही सच है। हम आपको बताते हैं कि कैलिफ़ोर्नियम इतनी महंगी धातु क्यों है, यह कहां मिलता है और इसका इस्तेमाल कहां होता है।
कहां हुई खोज
कैलिफ़ोर्नियम एक कृत्रिम (Artificial) रेडियोधर्मी रासायनिक तत्व है। यह एक ऐसा तत्व है जिसे इंसानों ने प्रयाोगशाला बनाया है। यह प्राकृतिक रूप से अपने आप नहीं बनती। इसी वजह से कैलिफ़ोर्नियम बहुत दुर्लभ और महंगा है। इसकी ऊंची कीमत के पीछे इसके कृत्रिम होने, अत्यधिक दुर्लभता और इसे बनाने की जटिल प्रक्रिया है। इसका निर्माण आमतौर पर परमाणु रिएक्टरों में होता है। जिसका सिंबल (Symbol) Cf है। यह धातु 1950 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया, बर्कले के शोधकर्ताओं द्वारा खोजी गई थी। इसलिए यूनिवर्सिटी के नाम पर इसका नाम कैलिफ़ोर्नियम रखा गया।
क्या है कीमत
कीमत की बात करें तो एक ग्राम कैलिफ़ोर्नियम करीब 27 मिलियन डॉलर (यानी करीब 240 करोड़ रुपये) बिकता है। दूसरी तरफ, इस समय सोने की कीमत लगभग 1.30 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम है। इसलिए, कैलिफ़ोर्नियम का एक ग्राम बेच कर आप 200 किलोग्राम सोना खरीद सकते हैं। दुनिया में इसके बहुत कम सप्लायर (suppliers) हैं, इसलिए यह दुर्लभतक धातु है।
कहां होता है यूज
कैलिफ़ोर्नियम एक कृत्रिम, रेडियोधर्मी रासायनिक तत्व है। इसका सबसे महत्वपूर्ण उपयोग परमाणु रिएक्टरों (nuclear reactors) में होता है। इसके अलावा इस धातु का इस्तेमाल छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (small modular reactors), चिकित्सा उपचार (medical treatments), अंतरिक्ष अन्वेषण (space exploration), औद्योगिक अनुप्रयोगों (industrial applications) और देश की सुरक्षा (homeland security) में भी होता है।
कैंसर के इलाज में भी आता है काम
कैलिफ़ोर्नियम कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह उपचार न्यूट्रॉन थेरेपी (Neutron Therapy) नामक एक विधि के ज़रिए किया जाता है। इस थेरेपी में कैलिफ़ोर्नियम-252 का उपयोग करके कैंसर के सेल को बहुत सटीकता से निशाना बनाया जाता है और नष्ट किया जाता है। यह तकनीक कैंसर के इलाज में एक बड़ा कदम माना जाता है।





