भोपाल में जल सत्याग्रह करने जुटेंगे ​​​​​​​स्वास्थ्य कर्मचारी

भोपाल में एनएचएम संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ 2 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शीतल दास की बगिया श्यामला हिल्स में जल सत्याग्रह करेगा। जिसमें प्रदेश भर के आउटसोर्स कर्मचारी शामिल होंगे।एनएचएम संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मप्र के प्रदेश अध्यक्ष कोमल बने बताया कि, एनएचएम संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा अपनी मांगों के सर्मथन में शासन स्तर पर कई बार मंत्रियों एवं विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों से निवेदन कर चुके हैं, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई, और मांगों पर कोई भी विचार नहीं किया जा रहा है।

ऐसे में शासन प्रशासन की दोहरी नीति के खिलाफ ध्यान आकर्षण के लिए समस्त आउट सोर्स कर्मचारी 2 अक्टूबर को शीतल दास की बगिया श्यामला हिल्स भोपाल में समय सुबह 11 बजे जल सत्याग्रह करेंगे। उसके बाद नीलम पार्क में एकत्रित होकर शासन प्रशासन की गलत नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के हजारों आउट सोर्स कर्मचारी शामिल होंगे।

कोमल सिंह ने बताया कि आउट सोर्स कर्मचारी के लिए शासन द्वारा 16,132 रुपए के अनुसार बजट दिया जाता है लेकिन अधिकारियों एवं आउट सोर्स कंपनियों की कमीशन खोरी के वजह से पिछले 5 वर्षों से मात्रा 5500-9000 रुपए तक दिए जा रहे हैं। जिससे आउट सोर्स कर्मचारी की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में 3-4 माह से वेतन भुगतान नहीं किया गया। जिससे रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया। संघ द्वारा पत्रों के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित कराया गया कि इतने बड़े की घोटाले की जांच किसी उपयुक्त एजेंसी से करवाई जाए।

यह हैं मांगे

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हटकर आउट सोर्स ठेका प्रथा में शामिल किए गए सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों सहित प्रदेश के 12 हजार आउट सोर्स कर्मचारियों को विभाग में रिक्त पदों पर नियमित किया जाए।
  • इसके अलावा आउट सोर्स कर्मचारी के लिए बनाई जाए, उन्हें न्यूनतम वेतन दिया जाए।
  • अधिकारियों एवं आउट सोर्स एजेंसियों द्वारा करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया जा रहा है उस पर रोक लगाई जाए।
  • विभाग में विगत कई वर्षों से चतुर्थ श्रेणी के हजारों पद रिक्त हैं जैसे वार्ड बॉय, चौकीदार, वायरमैन, माली, कुली, आया, दाई, भृत्य एवं डेटा एंट्री ऑपरेटर/निम्न श्रेणी लिपिक के हजारों पद रिक्त हैं। उन पदों पर आउटसोर्स कर्मचारियों को मर्ज किया जाए।

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